उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच कर रही एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट जल्द सौंपने जा रही है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक महीने पहले तीन सदस्यों की एसआईटी बनाई थी. अब यह टीम अपनी जांच पूरी करने के करीब पहुंच चुकी है.
रिपोर्ट में सिर्फ चोरी में शामिल लोगों के नाम ही सामने नहीं आएंगे, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि निगरानी और प्रशासनिक स्तर पर कहां-कहां चूक हुई. साथ ही मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव दिए जाएंगे.
एसआईटी ने साफ किया है कि जांच अभी भी जारी है और अंतिम रिपोर्ट में पूरी तस्वीर तभी सामने आएगी जब सभी सबूतों की जांच पूरी हो जाएगी. इसमें बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों तथा आरोपियों के बयान शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट में सिर्फ उन लोगों की पहचान नहीं होगी जो सीधे तौर पर चोरी में शामिल थे, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि किन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से यह चोरी लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट की कमान क्या किसी महिला को देने का है प्लान?
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि निगरानी अधिकारी और चढ़ावा जमा करने तथा गिनने की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी तय नियमों का पालन कर रहे थे या नहीं. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या शुरुआती संकेत मिलने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया. रिपोर्ट में दान पेटियों की सुरक्षा से लेकर पैसे की गिनती, बैंक में जमा करने, निगरानी और ऑडिट तक हर चरण की जांच की जाएगी.
एसआईटी यह भी पता लगा रही है कि तय प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं और निगरानी, दस्तावेजीकरण, पहुंच नियंत्रण और रिकॉर्ड रखने में हुई खामियों ने ही चढ़ावे की चोरी का रास्ता खोला. जांच पूरी होने के बाद एसआईटी अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होने की उम्मीद है.
समर्थ श्रीवास्तव