अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है. जांच अब केवल दानपात्र से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका दायरा सीसीटीवी मॉनिटरिंग, सुरक्षा प्रबंधन और प्रवेश पास जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों तक भी फैल गया है. जांच एजेंसियों की नजर कई नए लोगों पर है. वहीं, आरोपियों में से एक टिन्नू यादव ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है.
टेबल पर नोटों के ढेर की गिनती
इस सब के बीच राम मंदिर में दान राशि की गिनती से जुड़ी एक तस्वीर सामने आई है. वीडियो में दान राशि की काउंटिंग की प्रक्रिया और उसके संचालन की व्यवस्था की झलक दिखाई देती है. इसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को टेबल पर रखकर गिनते हुए देखा जा सकता है.
यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है जब राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है. दान की गिनती और उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे हैं, जिनकी पड़ताल जांच एजेंसियां कर रही हैं. सामने आई तस्वीर को जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है.
राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी
बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दो दिनों तक मंदिर परिसर में डेरा डालकर गहन पड़ताल की है. इस दौरान टीम ने कुल 19 घंटे तक मौके पर रहकर दानपात्र से राशि निकालने, नोटों की गड्डियां तैयार करने और धनराशि की गिनती की पूरी व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई.
जांच प्रक्रिया के तहत एसआईटी ने पहले दिन लगभग 8 घंटे और दूसरे दिन करीब 11 घंटे तक मंदिर परिसर में पूछताछ और निरीक्षण किया. टीम ने चढ़ावा कक्ष से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का डेटा करीब एक दर्जन पेनड्राइव में सुरक्षित किया है. अब पूर्व कर्मचारियों का रिकॉर्ड जुटाकर उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है.
9 कर्मचारियों ने हाल में लीं महंगी कार
प्रारंभिक जांच में ऐसे 9 कर्मचारियों का पता चला है, जिन्होंने हाल के दिनों में महंगे मोबाइल फोन और वाहन खरीदे हैं. इसी वजह से जांच एजेंसियों का ध्यान उनकी गतिविधियों पर केंद्रित हुआ है. इसके अलावा एसआईटी ने चढ़ावे की राशि के प्रबंधन और गिनती की प्रक्रिया को समझने के लिए स्टेट बैंक के कर्मचारियों से भी विस्तृत जानकारी हासिल की है.
उधर, सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बीच मामले के मुख्य संदिग्ध के रूप में चर्चा में आए रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है.
आशीष श्रीवास्तव