अगर आपने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो आपने जरूर देखा होगा कि विमान के दरवाजे पर खड़ी एयर होस्टेस मुस्कुराकर आपका स्वागत करती हैं. कई बार वे आपके बोर्डिंग पास पर भी एक नजर डालती हैं. ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह सिर्फ एक औपचारिक स्वागत है, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है.
दरअसल, विमान में कदम रखते ही हर यात्री की कुछ सेकंड में सुरक्षा के नजरिए से जांच की जाती है. यह प्रक्रिया किसी यात्री को असहज करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी उड़ान को सुरक्षित बनाने के लिए होती है.
आखिर एयर होस्टेस उन कुछ सेकंड में क्या देखती हैं?
सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट और A Fly Guy Travels के संस्थापक जे रॉबर्ट के मुताबिक, बोर्डिंग के दौरान केबिन क्रू हर यात्री को बहुत ध्यान से देखता है. वे यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कहीं कोई यात्री नशे में तो नहीं है, गंभीर रूप से बीमार तो नहीं दिख रहा या उसके पास कोई ऐसा सामान तो नहीं है जो उड़ान के दौरान खतरा पैदा कर सकता है.
यही वजह है कि कई बार एयर होस्टेस सिर्फ मुस्कुराकर स्वागत नहीं करतीं, बल्कि आपके चलने का तरीका, बोलने का अंदाज और चेहरे के हावभाव भी नोटिस करती हैं.
इन बातों पर रहती है सबसे ज्यादा नजर
बोर्डिंग के दौरान केबिन क्रू आमतौर पर इन संकेतों पर ध्यान देता है—
क्या यात्री सामान्य तरीके से चल रहा है?
उसकी आवाज साफ है या लड़खड़ा रही है?
शरीर से शराब की तेज गंध तो नहीं आ रही?
कहीं वह जरूरत से ज्यादा पसीना तो नहीं बहा रहा?
क्या वह बेहद कमजोर, भ्रमित या बीमार नजर आ रहा है?
उसके हैंड बैगेज में कोई संदिग्ध या प्रतिबंधित सामान तो नहीं दिख रहा?
अगर किसी यात्री को लेकर संदेह होता है, तो केबिन क्रू तुरंत बाकी क्रू मेंबर्स को सतर्क कर देता है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते फैसला लिया जा सके.
क्यों जरूरी होती है यह जांच?
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई यात्री नशे की हालत में विमान में बैठ जाता है और बाद में हंगामा करता है, तो उड़ान को बीच रास्ते डायवर्ट करना पड़ सकता है. इससे यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होती है और एयरलाइन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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इसी वजह से एयरलाइंस कोशिश करती हैं कि संभावित समस्या की पहचान विमान का दरवाजा बंद होने से पहले ही कर ली जाए.
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, मानव तस्करी पर भी रहती है नजर
आज कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अपने केबिन क्रू को मानव तस्करी (Human Trafficking) के संभावित मामलों की पहचान करने की ट्रेनिंग भी देती हैं. अगर किसी यात्री का व्यवहार असामान्य लगे या वह किसी दबाव में दिखाई दे, तो क्रू बिना हंगामा किए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकता है.
मददगार यात्रियों की भी होती है पहचान
बोर्डिंग के दौरान केबिन क्रू सिर्फ संभावित खतरे नहीं तलाशता, बल्कि ऐसे यात्रियों को भी नोटिस करता है जो किसी आपात स्थिति में दूसरों की मदद कर सकें. इनमें डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी, फायरफाइटर, सैन्यकर्मी या शारीरिक रूप से सक्षम यात्री शामिल हो सकते हैं.
यही कारण है कि Exit Row में बैठने वाले यात्रियों से अलग से पूछा जाता है कि जरूरत पड़ने पर क्या वे आपातकालीन दरवाजा खोलने और दूसरों की मदद करने में सक्षम हैं.
इसलिए मुस्कान के पीछे छिपा होता है एक बड़ा मकसद
एयर होस्टेस का मुस्कुराकर स्वागत करना सिर्फ अच्छी सर्विस का हिस्सा नहीं है. उन कुछ सेकंड में वे यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और व्यवहार का आकलन भी कर रही होती हैं. यानी विमान के उड़ान भरने से पहले ही आपकी और बाकी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती है.यही वजह है कि अगली बार जब कोई फ्लाइट अटेंडेंट मुस्कुराकर आपका स्वागत करे, तो समझ लीजिए कि वह सिर्फ 'Welcome' नहीं कह रही, बल्कि आपकी सुरक्षा का पहला आकलन भी कर रही है.
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