कौन हैं विजेता दहिया? एक वायरल बर्गर वीडियो ने छीन ली CJP प्रवक्ता की कुर्सी

दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' प्रदर्शन के बीच बर्गर आउटलेट में दिखे विजेता दहिया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो पर मचे बवाल के बाद पार्टी ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया. आखिर कौन हैं विजेता दहिया और क्यों उनकी एक गलती इतनी भारी पड़ गई?

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विजेता दहिया का बर्गर वाला वीडियो बना मुद्दा (Photo:Insta/@Vijeta Dahiya) विजेता दहिया का बर्गर वाला वीडियो बना मुद्दा (Photo:Insta/@Vijeta Dahiya)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

कुछ दिन पहले तक विजेता दहिया को बहुत कम लोग जानते थे, लेकिन अब उनका नाम सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहा है. इसकी वजह कोई बड़ा राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक वायरल बर्गर वीडियो है. वीडियो में वह दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान बर्गर किंग आउटलेट में खाना खाते नजर आए. प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई की खबरों के बीच सामने आए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी.

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राजनीति, रिसर्च और फिल्ममेकिंग से जुड़ा रहा है करियर

विवाद से पहले विजेता दहिया की पहचान एक पॉलिटिकल रिसर्चर, लेखक और फिल्ममेकर के रूप में थी. वह लंबे समय से राजनीति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर काम कर रहे थे. कंटेंट क्रिएशन और सार्वजनिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता की वजह से CJP ने जून में उन्हें अपने तीन आधिकारिक प्रवक्ताओं में शामिल किया था. उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता बनाया गया था.

यह भी पढ़ें: छात्रों पर हो रहा था लाठीचार्ज और विजेता दहिया खा रहे थे बर्गर! CJP ने प्रवक्ता पद से हटाया

आखिर बर्गर वाला वीडियो इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया?

वायरल वीडियो में विजेता दहिया एक बर्गर किंग आउटलेट में दिखाई दिए. उसी समय दिल्ली में CJP का प्रदर्शन जारी था और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की खबरें भी सामने आ रही थीं. ऐसे में सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि जब पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर थे, तब पार्टी का प्रवक्ता रेस्टोरेंट में क्या कर रहा था.यहीं से यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने उनके रवैये पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.

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'भूख लगी थी...' दहिया की सफाई भी नहीं आई काम

विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें भूख लगी थी, इसलिए वह खाना खाने गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा खाना खाने से दिमाग अच्छा महसूस करता है.हालांकि, उनकी यह दलील लोगों को संतुष्ट नहीं कर सकी और सोशल मीडिया पर आलोचना लगातार बढ़ती रही.

पार्टी ने तुरंत लिया बड़ा फैसला

लगातार बढ़ते विवाद के बाद CJP ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया. पार्टी ने कहा कि उनका आचरण आंदोलन की भावना और संगठन के मूल्यों के अनुरूप नहीं था. इसके साथ ही उन्हें सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया गया.

CJP ने जब विजेता दहिया को अपना प्रवक्ता बनाया था, तब पार्टी ने उन्हें राजनीतिक शोध और रणनीतिक विश्लेषण का अनुभव रखने वाला चेहरा बताया था. पार्टी के अनुसार, दहिया लंबे समय से लेखक, कंटेंट क्रिएटर और फिल्ममेकर के रूप में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने कई लोकप्रिय यूट्यूब क्रिएटर्स के लिए रिसर्च और कंटेंट डेवलपमेंट का काम भी किया है.

विजेता दहिया अपने एक्स (X) अकाउंट पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का एक प्रसिद्ध उद्धरण साझा किए हुए हैं. इस संदेश में सामाजिक लोकतंत्र को राजनीतिक लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया गया है. उद्धरण का सार यह है कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों के बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं सकती.

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