आप अपने पार्टनर से वीडियो कॉल पर निजी बातें कर रहे हों और अचानक आपका फोन कॉल को ही रोक दे. न आपकी आवाज सामने वाले तक पहुंचे और न उसकी आवाज आप तक आए. ऊपर से स्क्रीन पर एक ऐसा मैसेज दिखे, जिसे देखकर आप हैरान रह जाएं.
ऑस्ट्रेलिया की एक महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. वह अपने बॉयफ्रेंड को वीडियो कॉल कर रही थी. इसी दौरान उसने कुछ निजी पल शेयर करने की कोशिश की, लेकिन अगले ही पल कॉल रुक गई. जब उसे इसकी वजह पता चली, तो उसके मन में अपनी प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठने लगे.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की 25 साल की फ्रेंकी (बदला हुआ नाम) अपने बॉयफ्रेंड से वीडियो कॉल से बात कर रही थी. उसका पार्टनर लंच ब्रेक के दौरान उससे वीडियो कॉल पर जुड़ा था. इसी दौरान फ्रेंकी ने उसके साथ कुछ निजी पल शेयर करना चाहा. तभी कॉल में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी.
फ्रेंकी के मुताबिक, अचानक कॉल रुक गई. वह न तो अपने पार्टनर से बात कर पा रही थी और न ही उसकी आवाज सुनाई दे रही थी. उसे लगा कि शायद उसके बॉयफ्रेंड ने कैमरा बंद कर दिया है या कॉल को होल्ड पर डाल दिया है.
लेकिन असल में मामला कुछ और था. जब उसके पार्टनर ने कॉल दोबारा शुरू की और स्क्रीन पर दिख रहा मैसेज उसे दिखाया, तो फ्रेंकी हैरान रह गई.
फोन की स्क्रीन पर क्या मैसेज आया?
कॉल के दौरान उसके पार्टनर की स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई दी. इसमें पूछा गया था, 'क्या आप वाकई इस कॉल पर बने रहना चाहते हैं?' मैसेज में बताया गया था कि कॉल को इसलिए रोका गया है, क्योंकि इसमें न्यूडिटी दिखाई देने की आशंका है. स्क्रीन पर दो विकल्प भी दिए गए थे. पहला, 'Not Now', जिसके जरिए कॉल खत्म की जा सकती थी. दूसरा, 'Yes, Continue', जिसे चुनकर कॉल फिर से जारी रखी जा सकती थी.
फ्रेंकी के लिए यह अनुभव चौंकाने वाला था. उसे समझ नहीं आ रहा था कि फोन ने इतनी जल्दी कैसे पहचान लिया कि वीडियो कॉल पर क्या दिखाया जा रहा है.
उसने न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू को बताया कि इस घटना के बाद उसके मन में सवाल उठने लगे कि मोबाइल कंपनी उसके फोन पर क्या देख सकता है और उसे क्या-क्या पता चलता है. उसे यह भी चिंता हुई कि कहीं कंपनी उसकी निजी बातचीत या वीडियो कॉल पर नजर तो नहीं रख रही.
क्या मोबाइल कंपनी आपकी निजी वीडियो कॉल देखता है?
फ्रेंकी ने जब इस घटना के बारे में ऑनलाइन जानकारी खोजी, तो उसे पता चला कि इसका संबंध उस खास फोन के सेंसेटिव कंटेंट वार्निंग फीचर से है. यह फीचर तस्वीरों और वीडियो में संभावित संवेदनशील कंटेंट, जैसे न्यूडिटी या हिंसक कंटेंट की पहचान करने के लिए बनाया गया है.
फोन कंपनी के सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन के मुताबिक, यह फीचर मशीन लर्निंग की मदद से तस्वीरों और वीडियो का विश्लेषण करता है. इसका मकसद किसी संवेदनशील तस्वीर या वीडियो को देखने से पहले उसे धुंधला करना और यूजर को चेतावनी देना है. अगर सिस्टम को न्यूडिटी दिखने का संदेह होता है, तो कॉल की वीडियो स्ट्रीम रुक सकती है और यूजर से पूछा जा सकता है कि वह कॉल जारी रखना चाहता है या नहीं.
प्राइवेसी पर कोई नहीं रख रहा नजर
यहां एक अहम बात समझना जरूरी है. कॉल रुकने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि फोन कंपनी का कोई कर्मचारी आपकी वीडियो कॉल देख रहा था. कंपनी के मुताबिक, सेंसटिव कंटेंट वार्निंग फीचर डिवाइस पर ही तस्वीरों और वीडियो का विश्लेषण करता है. कंपनी को इस बात की जानकारी नहीं मिलती कि किस तस्वीर या वीडियो को संवेदनशील पाया गया है. साथ ही, इस प्रक्रिया में विश्लेषण की जा रही तस्वीरों और वीडियो तक कंपनी की पहुंच नहीं होती.
यह भी पढ़ें: कैसे धोते हैं कपड़े और बर्तन? यहां ये काम सिखाने के मिल रहे 85 हजार रुपये महीना
फ्रेंकी के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि स्मार्टफोन हमारी निजी जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह की तकनीक इस्तेमाल कर रहे हैं. एक तरफ ऐसे फीचर संवेदनशील सामग्री से बचाने में मदद कर सकते हैं, तो दूसरी तरफ अचानक कॉल रुकने जैसी घटना यूजर्स को अपनी प्राइवेसी को लेकर परेशान भी कर सकती है.
aajtak.in