Offbeat places to visit in Madhya Pradesh: घूमने के लिए हमेशा पहाड़ों या समुद्र का रुख करना जरूरी नहीं है, उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम और असम के अलावा भी भारत के कई ऐसे राज्य हैं, जहां आपको घूमने का अलग ही मजा आएगा. अगर आप दोस्तों के साथ इस बार पहाड़ों की जगह किसी नई जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो आप भारत के बीचों-बीच बसे मध्य प्रदेश की ट्रिप प्लान कर सकते हैं.
एमपी में ऐसी कई जगहें हैं, जहां इतिहास, हरियाली, झरने, झीलें और शांत माहौल एक साथ देखने को मिलता है. खासकर मानसून में इन जगहों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. अगर आप भी भीड़भाड़ से दूर किसी ऑफबीट जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मध्य प्रदेश की ये जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकते हैं.
बारिश में और खूबसूरत लगता है मांडू
मध्य प्रदेश का मांडू इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. पहाड़ियों पर बसा यह शहर बारिश के मौसम में हरी चादर ओढ़ लेता है. बारिश के मौमस में यहां घूमने का अनुभव किसी शांत और खूबसूरत फिल्मी लोकेशन जैसा लगता है.
मांडू पहुंचने से पहले ककराह कोह झरने पर कुछ देर रुक सकते हैं. बारिश के मौसम में पानी से लबालब यह झरना बेहद खूबसूरत नजर आता है. इसके बाद जहाज महल का रुख करें. दो जलाशयों, कपूर तालाब और मुंज तालाब के बीच बना यह महल दूर से पानी में तैरते जहाज जैसा दिखाई देता है. बारिश में जब तालाबों का पानी बढ़ जाता है, तो इसकी खूबसूरती और निखर जाती है.
मांडू में रानी रूपमती मंडप भी जरूर देखें. ऊंचाई पर बने इस जगह से दूर तक फैला हरा-भरा नजारा और नर्मदा नदी दिखाई देती है. बादलों और हरियाली के बीच यहां से दिखने वाला नजारा लंबे समय तक याद रह सकता है.
भोपाल में झील, हरियाली और इतिहास का मेल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर भी कहा जाता है. बारिश के मौसम में शहर की हरियाली और झीलों का नजारा इसे और खूबसूरत बना देता है. भोपाल ट्रिप में दिन की शुरुआत वन विहार नेशनल पार्क में साइकिल राइड से की जा सकती है. सुबह के समय यहां का शांत माहौल और हरियाली शहर की भागदौड़ से अलग अनुभव देती है.
इसके बाद अपर लेक के आसपास समय बिता सकते हैं. झील के किनारे बैठकर बारिश और ठंडी हवा का मजा लेना ट्रिप को खास बना सकता है. भोपाल में भारत भवन भी घूमने की जगहों में शामिल किया जा सकता है. यह कला और संस्कृति से जुड़ा मुख्य सेंटर है और झील के सामने इसकी लोकेशन इसे खास बनाती है.
केरवा-कालीयासोत में हरियाली के बीच साइकिल राइड
अगर आपको नेचर के बीच लंबी वॉक या साइकिल चलाना पसंद है, तो केरवा-कालीयासोत का इलाका अच्छा ऑप्शन हो सकता है. बारिश के बाद यहां चारों तरफ हरियाली दिखाई देती है. भोपाल से करीब एक घंटे की दूरी पर हलाली की तरफ भी घूमने का प्लान बनाया जा सकता है. यहां हरियाली के बीच समय बिताने के साथ आसपास के कुछ प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थानों को भी एक्सप्लोर किया जा सकता है.
गिन्नौरगढ़ किला देगा एडवेंचर का एहसास
अगर आप इतिहास के साथ थोड़ा एडवेंचर भी चाहते हैं, तो गिन्नौरगढ़ किला घूम सकते हैं. यह किला एक ऊंची और अलग-थलग पहाड़ी पर स्थित है और यहां पहुंचने के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ता है. गिन्नौरगढ़ का कनेक्शन गोंड शासकों से रहा है और बाद में यह भोपाल के संस्थापक नवाब दोस्त मोहम्मद से भी जुड़ा.
आज किले के कई हिस्से खंडहर में बदल चुके हैं, लेकिन इसकी ऐतिहासिक पहचान और पहाड़ी से दिखाई देने वाला प्राकृतिक नजारा इसे खास बनाता है. किले के आसपास घने जंगल और हरियाली दिखाई देती है. यही इलाका आज रातापानी के जंगलों से जुड़ा है. यहां का सफर उन लोगों को पसंद आ सकता है जिन्हें सामान्य टूरिस्ट स्पॉट के बजाय इतिहास, प्रकृति और पैदल घूमने वाले रास्तों वाली जगहें पसंद हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क