भारत सरकार हफ्ते भर के लिए टेलीग्राम को बैन करने का ऐलान किया है. NEET पेपर लीक के बाद दुबारा परीक्षा होगी. इस वजह से इस ऐप को बैन किया गया है. हालांकि कंपनी के सीईओ ने कहा है कि पेपर लीक की वजह टेलीग्राम नहीं था और ऐप बैन करना कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि लीक्ड पेपर शेयरिंग किसी भी ऐप पर किया जा सकता है.
इतना ही नहीं, टेलीग्राम ऐप के फाउंडर और CEO पावेल ड्यूरोव ने आरोप लगाया है कि भारत की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेलीग्राम की इंटरनेट कनेक्टिविटी में दखल दे रही है. उनका दावा है कि यह दखल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के बाहर भी कई देशों में यूजर्स को इसका असर झेलना पड़ रहा है.
क्यों ड्यूरोव लगा रहे रिलायंस पर आरोप?
ड्यूरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि रिलायंस एक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिसे BGP हाइजैकिंग कहा जाता है. यह इंटरनेट की एक बेसिक रूटिंग तकनीक है, जिसके जरिए डेटा एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक पहुंचता है. अगर इसमें छेड़छाड़ हो जाए, तो इंटरनेट ट्रैफिक को गलत रास्ते पर भेजा जा सकता है. ड्यूरोव का आरोप है कि इसी तरीके से टेलीग्राम की पहुंच को प्रभावित किया जा रहा है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि यह समस्या सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि UAE जैसे देशों में भी देखी गई है, जहां यूजर्स को टेलीग्राम इस्तेमाल करने में दिक्कत आई. ड्यूरोव ने इसे जानबूझकर की गई साजिश बताया और कहा कि रिलायंस ने इस मामले में कई रिपोर्ट्स को नजरअंदाज किया है.
इस पूरे मामले को उन्होंने बिजनेस प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ा है. ड्यूरोव का कहना है कि Reliance का Meta से कारोबारी संबंध है, और Meta ही WhatsApp, Facebook और Instagram जैसी बड़ी सर्विसेज की मालिक है.
ऐसे में उन्होंने इशारा किया कि टेलीग्राम के खिलाफ यह कदम प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हो सकता है. हालांकि, उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पर पेश नहीं किया है.
गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के मुताबिक, NEET 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए गलत गतिविधियों की जानकारी सामने आई थी.
इसके बाद सरकार ने आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आखिरी विकल्प के तौर पर उठाया गया, ताकि परीक्षा से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके.
हालांकि, ड्यूरोव ने सरकार के इस फैसले की भी आलोचना की. उनका कहना है कि इस तरह के कदम आम यूजर्स को सजा देते हैं, जबकि असली दोषी दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में 15 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स हैं, और ऐसे फैसले सीधे तौर पर उन्हें प्रभावित करते हैं.
ड्यूरोव ने यह भी कहा कि अगर इस तरह की पाबंदियां लगती रहीं, तो इंटरनेट की ओपननेस और यूजर्स की फ्रीडम पर असर पड़ेगा. फिलहाल इस पूरे मामले पर Reliance की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क