Telegram Delhi High Court Verdict : 'सरकार के पास है पावर' टेलीग्राम को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

RE-NEET 2026 Exam Telegram Ban: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना बड़ा फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने भारत सरकार के उस फैसले को बरकार रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से RE-NEET एग्जाम के चलते टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया है. भारत में RE-NEET की परीक्षा 21 जून को होगी.

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Telegram ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया. (Photo: Pixabay ) Telegram ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया. (Photo: Pixabay )

अनीषा माथुर / सृष्टि ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना बड़ा फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने भारत सरकार के उस फैसले को बरकार रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से RE-NEET एग्जाम के चलते टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया है. भारत में RE-NEET की परीक्षा 21 जून को होगी और अस्थाई बैन 22 जून तक रहेगा. हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकार के पास पावर है.

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टेलीग्राम पर फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया. आदेश के इमरजेंसी नेचर और उसके लिए दी गई वजह पर्याप्त हैं. हाई कोर्ट ने कहा है कि आदेश की सूचना नहीं दिए जाने का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता. 

हाई कोर्ट ने कहा है कि हमने पाया कि केंद्र सरकार ने उपलब्ध सामग्री पर विधिवत विचार किया था. कोर्ट ने Telegram ऐप पर लगाए गए 5 दिन के प्रतिबंध को भी बरकरार रखा.

हाई कोर्ट ने कहा है कि आदेश में विचार-विमर्श की कमी नहीं है. ऐप को 'सूचना' की परिभाषा से बाहर रखने का कोई कारण नहीं है.

हाई कोर्ट ने आगे कहा है कि आईटी एक्ट सरकार को पूरे प्लेटफॉर्म/ऐप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है. सरकार के पास यह आदेश जारी करने की शक्ति थी. 

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टेलीग्राम पर पहले भी लगते रहें आरोप

टेलीग्राम पर पहले भी कई बार पेपर लीक और फर्जी पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. यहां तक की कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि जालसाज और साइबर ठगी को अंजाद देने वाले भी इस प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करते हैं. 

यह भी पढ़ें: Telegram पर अस्थाई बैन 'सेंसरशिप' है या ठगी से बचाने का 'सर्जिकल स्ट्राइक'? सरकार का तर्क समझ‍िए

फैसले से पहले टेलीग्राम से बातचीत हो चुकी है

सॉलिसिटर जनरल की तरफ से कोर्ट में बताया जा चुका है कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार की तरफ से बताया जा चुका है कि इस मामले की सुनवाई एक कमेटी ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव ने की है. 

टेलीग्राम के फीचर्स ही उसको बैन करने की वजह 

टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर ढेर सारे ऐसे फीचर्स हैं, जिसकी वजह से टेलीग्राम को अस्थाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. टेलीग्राम के एक ग्रुप में 2 लाख मेंबर्स तक को शामिल किया जा सकता है. ऐप पर हैवी फाइल्स को सेव किया जा सकता है. यहां बिना मोबाइल नंबर के भी अकाउंट बनाया जा सकता है. 

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यह भी पढ़ें: Telegram के पांच फीचर्स जिसकी वजह से भारत में हुआ बैन

कई लोगों का सवाल सामने आया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों ही मैसेजिंग ऐप हैं. हालांकि प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम ऐप काफी आगे और अलग है. टेलीग्राम यूजरनेस बनाने की भी सुविधा देता है. 

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