PM मोदी ने RBI के नए डेटा सेंटर का किया उद्घाटन, जानिए क्या होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के जटनी में RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया है. करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से बने इस परिसर में चार डेटा सेंटर हैं. इससे बैंकिंग सिस्टम के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

Advertisement
ओडिशा में RBI का नया डेटा सेंटर शुरू, बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा मजबूत सपोर्ट. ओडिशा में RBI का नया डेटा सेंटर शुरू, बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा मजबूत सपोर्ट.

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के जटनी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया. भुवनेश्वर के पास इन्फोवैली-II में बने इस सेंटर का मकसद देश के बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करना और डिजिटल डेटा की सुरक्षा बढ़ाना है.

इस प्रोजेक्ट पर करीब 169 से 170 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है. यह पूरा परिसर 18.55 एकड़ में फैला है. इसमें चार आधुनिक डेटा सेंटर बनाए गए हैं. इनका इस्तेमाल RBI के जरूरी डिजिटल सिस्टम और पेमेंट-सेटलमेंट से जुड़े कामों को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा.

Advertisement

बैंकिंग सिस्टम को मिलेगा मजबूत सपोर्ट

आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में इन सेवाओं को चलाने के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है. डेटा सेंटर में बड़े सर्वर और नेटवर्किंग सिस्टम के जरिए डेटा को स्टोर और प्रोसेस किया जाता है.

RBI का यह नया सेंटर जरूरी डिजिटल सिस्टम को सपोर्ट करेगा. साथ ही, किसी तकनीकी खराबी या दूसरी परेशानी के दौरान सेवाओं को जारी रखने और सिस्टम को दोबारा चालू करने की क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.

यह भी पढ़ें: Jio Vs Starlink: जब भारत में लॉन्च होगी जियो और स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस, कैसे करेगा काम?

Tier IV सर्टिफिकेशन से लैस है सेंटर

इस डेटा सेंटर को Uptime Institute का Tier IV सर्टिफिकेशन मिला है. यह डेटा सेंटर के लिए सबसे ऊंची टियर कैटेगरी है. इसका मतलब है कि यहां बिजली, कूलिंग और दूसरे जरूरी सिस्टम में बैकअप और खराबी से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था की गई है.

Advertisement

इस सर्टिफिकेशन का मतलब यह नहीं है कि सेंटर पर कभी साइबर हमला नहीं हो सकता. यह मुख्य रूप से डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और लगातार काम करने की क्षमता से जुड़ा है.

यह भी पढ़ें: जिस बात का डर था वही हुआ! 24 घंटे में साइबर दुनिया में मचा हड़कंप, PHP, eMudhra और AI सॉफ्टवेयर में मिलीं गंभीर खामियां

साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग भी होगी

डेटा सेंटर के साथ यहां एंटरप्राइज कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बनाया गया है. यहां साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर ट्रेनिंग और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा.

RBI का नवी मुंबई में पहले से एक मुख्य डेटा सेंटर है. ऐसे में ओडिशा में शुरू हुई यह नई सुविधा देश के डिजिटल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है. इससे जरूरी डिजिटल सिस्टम की उपलब्धता और साइबर खतरों से निपटने की तैयारी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »