WhatsApp और Signal पर हैकिंग का खतरा, डच इंटेलिजेंस एजेंसी ने जारी किया अलर्ट

WhatsApp और Signal ऐप पर की गई चैटिंग को आम तौर पर सिक्योर माना जाता है. लेकिन एक लेटेस्ट अलर्ट की मानें तो एग ग्लोबल साइबर अटैक चल रहा है. इसके तहत वॉट्सऐप और सिग्नल को हैक किया जा सकता है.

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WhatsApp और Signal पर खतरा: रिपोर्ट (Photo: ITG) WhatsApp और Signal पर खतरा: रिपोर्ट (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग ऐप Signal और WhatsApp को लेकर बड़ा साइबर सिक्योरिटी अलर्ट सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक रूस समर्थित हैकर्स ने इन ऐप्स के कई यूजर्स के अकाउंट हैक कर लिए हैं. इन हमलों का निशाना मुख्य रूप से सरकारी अधिकारी, सैन्य कर्मी और पत्रकार बने हैं. 

नीदरलैंड की खुफिया एजेंसियों ने इस साइबर अटैक के बारे में चेतावनी जारी की है और कहा है कि यह हमला वैश्विक स्तर पर चलाया जा रहा है. एजेंसियों का कहना है कि हैकर्स यूजर्स को धोखा देकर उनके अकाउंट तक पहुंच बना रहे हैं. 

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कैसे हैक किए जा रहे हैं अकाउंट

रिपोर्ट के मुताबिक हैकर्स यूजर्स को चैट के जरिए फंसाते हैं. वे अक्सर सपोर्ट बॉट या भरोसेमंद व्यक्ति बनकर बातचीत शुरू करते हैं और फिर यूजर्स से वेरिफिकेशन कोड या PIN मांग लेते हैं. जैसे ही यूजर यह जानकारी साझा करता है, हैकर्स उसके अकाउंट पर कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. 

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एक दूसरा तरीका भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें हैकर्स Signal के लिंक्ड डिवाइस फीचर का फायदा उठाकर किसी और डिवाइस को यूजर के अकाउंट से जोड़ देते हैं और फिर चैट्स तक पहुंच बना लेते हैं. 

अधिकारियों और पत्रकारों पर बड़ा खतरा

नीदरलैंड की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस साइबर अटैक में कई देशों के अधिकारी और पत्रकार प्रभावित हुए हैं. कुछ मामलों में सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट भी हैक हुए हैं, जिससे संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा पैदा हो गया है. 

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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के बावजूद खतरा

Signal और WhatsApp दोनों ही End-to-end encryption का इस्तेमाल करते हैं, जिसका मतलब है कि मैसेज केवल भेजने वाले और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई यूजर खुद ही अपना वेरिफिकेशन कोड या एक्सेस दे दे, तो एन्क्रिप्शन भी उसे नहीं बचा सकता. 

डच एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ज्यादा संवेदनशील या सरकारी गोपनीय जानकारी ऐसे ऐप्स पर साझा करना सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए. 

यूजर्स के लिए क्या है सलाह

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • किसी के साथ भी OTP या verification code साझा न करें.
  • अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें.
  • ऐप्स में Two-factor authentication चालू रखें
  • अगर अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पासवर्ड बदलें.
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