18 साल पहले बीजिंग में दुनिया ने एक ऐसे धावक का जलवा देखा था, जिसने 100 मीटर की रेस को ही नई परिभाषा दे दी थी. नाम था उसैन बोल्ट. जमैका के इस महान धावक ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ 9.69 सेकंड में पूरी कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. अगले ही साल बर्लिन में उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए इसे 9.58 सेकंड कर दिया.
तब से 17 साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन बोल्ट का यह रिकॉर्ड अब भी इंसानों के लिए अटूट है. हालांकि, अब उन्हें चुनौती देने वाला कोई इंसान नहीं, बल्कि एक चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट सामने आया है.
9.39 सेकंड में 100 मीटर, बोल्ट से भी तेज!
बीजिंग में चल रहे World Humanoid Robot Games में चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट Tiangong Ultra ने 100 मीटर की रेस महज 9.39 सेकंड में पूरी कर दी. उसने अपनी हीट जीतने के साथ बोल्ट के 9.58 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड से भी तेज समय दर्ज किया.
यही नहीं, उसी हीट में दूसरे स्थान पर रहने वाले Honor के Lightning ने भी 100 मीटर की दूरी 9.47 सेकंड में पूरी कर ली. यानी एक ही रेस में दो ह्यूमनॉइड रोबोट ने बोल्ट के रिकॉर्ड से बेहतर समय दर्ज कर दिया. लेकिन यहां कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट है.
बोल्ट जैसा फिनिश नहीं... सीधे मैट से जा टकराए रोबोट
इन रोबोटों की रफ्तार ने भले ही सबको हैरान कर दिया, लेकिन उनका फिनिश बोल्ट जैसा स्टाइलिश बिल्कुल नहीं था.
Tiangong Ultra ने दौड़ पूरी करने के बाद अपना संतुलन खो दिया और बुरी तरह लड़खड़ाते हुए साइडलाइन की तरफ जा गिरा. उसकी रफ्तार को रोकने के लिए लगाई गई मोटी मैट से वह जा टकराया. हालात ऐसे हो गए कि आसपास मौजूद लोगों को भी पीछे हटना पड़ा.
दूसरी ओर, Lightning भी रेस खत्म करने के बाद जमीन पर गिर गया और उसे स्ट्रेचर पर बाहर ले जाना पड़ा.
यानी रोबोटों ने घड़ी को तो पछाड़ दिया, लेकिन इंसानी एथलीटों की तरह संतुलित और शानदार फिनिश करने में अभी काफी पीछे हैं.
एक साल में 12 सेकंड से ज्यादा का सुधार!
इन रोबोटों की प्रगति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल हुए पहले World Humanoid Robot Games में Tiangong Ultra ने 100 मीटर की रेस 21.50 सेकंड में जीती थी. इस बार उसने 9.39 सेकंड का समय निकाला.
यानी सिर्फ एक साल में उसके समय में 12 सेकंड से ज्यादा का सुधार हुआ है.यह अंतर बताता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट तकनीक किस तेजी से विकसित हो रही है.
Tiangong Ultra इससे पहले बीजिंग में आयोजित दुनिया की पहली ह्यूमनॉइड रोबोट हाफ मैराथन भी जीत चुका है.
Lightning ने टेस्ट में 9.32 सेकंड का समय निकाला था
100 मीटर फाइनल से पहले ही Lightning ने अपनी रफ्तार का संकेत दे दिया था. चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शनिवार को एक तैयारी टेस्ट में उसने 9.32 सेकंड का समय दर्ज किया था.
इस दौरान उसकी अधिकतम रफ्तार 14.5 मीटर प्रति सेकंड तक पहुंची.
Lightning ने इसी साल हाफ मैराथन भी जीती थी. उसने 50 मिनट 26 सेकंड का समय निकाला, जो इंसानी एथलीटों के लिए बेहद तेज गति को दर्शाता है.
रोबोट की लंबाई बढ़ाकर बनाई गई ज्यादा तेज!
Lightning को और तेज बनाने के लिए उसकी बॉडी में भी बदलाव किए गए.
हाफ मैराथन के दौरान उसकी लंबाई 169 सेंटीमीटर और पैरों की लंबाई करीब 95 सेंटीमीटर थी. गेम्स से पहले उसके शोधकर्ताओं ने उसके पैरों की लंबाई में करीब 10 सेंटीमीटर का इजाफा किया और इसे 1.05 मीटर कर दिया.
लंबे पैर यानी ज्यादा लंबा स्ट्राइड और बेहतर गति हासिल करने की कोशिश.
51 इवेंट में भिड़ रहे ह्यूमनॉइड रोबोट
बीजिंग में हो रहे इन खेलों में सिर्फ 100 मीटर की रेस ही आकर्षण का केंद्र नहीं है. प्रतियोगिता में कुल 51 इवेंट शामिल हैं.
इनमें फुटबॉल, डांसिंग और औद्योगिक काम (Industrial-task) से जुड़े मुकाबले भी शामिल हैं.
हालांकि, 100 मीटर की यह रेस सबसे ज्यादा चर्चा में इसलिए आ गई है क्योंकि इसमें रोबोटों ने दुनिया के सबसे तेज इंसान उसैन बोल्ट के 9.58 सेकंड के रिकॉर्ड से बेहतर समय दर्ज कर दिया.
लेकिन एक बात साफ है- बोल्ट का आधिकारिक पुरुष 100 मीटर विश्व रिकॉर्ड अब भी 9.58 सेकंड ही है. रोबोट का 9.39 सेकंड का समय मानव एथलेटिक्स रिकॉर्ड को नहीं बदलता.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क