Women's Hockey World Cup: वर्ल्ड कप से बाहर होने पर छलका भारतीय कप्तान का दर्द, बताया कहां हुई टीम से चूक

पांच साल पहले टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सनसनी मचा दी थी. इस बार वैसा उलटफेर नहीं हो सका. डिफेंस ने अपना काम किया, लेकिन गोलपोस्ट के सामने हुई गलतियों ने भारत से सेमीफाइनल का टिकट छीन लिया.

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भारतीय महिला टीम हॉकी वर्ल्ड कप से हुई बाहर. (Photo: Hockey India) भारतीय महिला टीम हॉकी वर्ल्ड कप से हुई बाहर. (Photo: Hockey India)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • एम्सतेलवीन,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:54 AM IST

भारतीय टीम का विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में सफर समाप्त हो गया. रविवार (23 अगस्त) को एम्स्तेलवीन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेहद अहम मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ. भारत ने मजबूत डिफेंस के दम पर ऑस्ट्रेलिया को गोल नहीं करने दिया, लेकिन खुद मिले मौकों को गोल में नहीं बदल सका. आखिर में ज्यादा गोल स्कोर करने के आधार पर ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया, जबकि भारत अंतिम-4 की रेस से बाहर हो गया. 

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मैच के बाद भारतीय कप्तान सलीमा टेटे काफी निराश नजर आईं. उन्होंने माना कि टीम मौकों का फायदा नहीं उठा सकी. सलीमा ने कहा, 'हमें अच्छा नहीं लग रहा है. हम काफी करीब पहुंच गए थे, लेकिन हमने यह मैच अपने हाथ से जाने दिया. हमें इससे सीखना होगा. यह हमारे लिए मुश्किल मुकाबला था. हमारे पास मौके आए, लेकिन हम उन्हें फिनिश नहीं कर सके.'

भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की जरूरत थी. टीम ने इसके लिए कई मौके भी बनाए, लेकिन फाइनल टच की कमी पूरे मुकाबले में उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई. पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारत को बेहतरीन अवसर मिला. पेनल्टी कॉर्नर पर अपनाए गए वैरिएशन के चलते गेंद निक्की के पास पहुंची और वह गोल के सामने खुली स्थिति में थीं, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका.

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तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर और बलजीत की शानदार मूव के बाद दीपिका को मौका मिला, लेकिन वह गेंद से सही कॉन्टैक्ट नहीं कर पाईं. अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में सलीमा ने सर्कल के अंदर शानदार लो क्रॉस भेजा. नवनीत और लालरेमसियामी के बीच हिचकिचाहट का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस ने खतरा टाल दिया.

भारत की ये रणनीति भी काम नहीं आई
ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय गोलपोस्ट पर दबाव बनाया और दो बार गेंद नेट में पहुंचाई, लेकिन भारत के सफल रेफरल के बाद दोनों गोल रद्द कर दिए गए. इससे भारत को मुकाबले में बने रहने का मौका मिला, मगर टीम दूसरे छोर पर जरूरी गोल हासिल नहीं कर सकी. आखिरी पांच मिनट में भारत ने बड़ा दांव खेलते हुए गोलकीपर बिछू देवी को मैदान से बाहर बुलाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतारा. इसके बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस को तोड़ने का रास्ता नहीं मिला और मुकाबला 0-0 पर समाप्त हुआ.

भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के दो-दो अंक रहे, साथ ही गोल अंतर भी दोनों का -2 था. मगर ऑस्ट्रेलिया (3) ने भारत (2) की तुलना में अधिक गोल किए, जिसके चलते वो सेमीफाइनल में पहुंची. सेमीफाइनल की उम्मीद टूटने के बावजूद सलीमा टेटे ने साफ किया कि भारत का वर्ल्ड कप अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, 'हम एक टीम के रूप में हारते हैं. अब हम पांचवें स्थान के लिए लड़ेंगे. हमारे लिए यह वर्ल्ड कप अभी खत्म नहीं हुआ है.'

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भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलकर की थी. इसके बाद साउथ अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त दी और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा. नीदरलैंड्स के हाथों 0-2 की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला निर्णायक बन गया था.

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