भारतीय क्रिकेट की 15 साल की सनसनी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं. इस बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने युवा बल्लेबाज को एक ऐसी सलाह दी है, जिसकी चर्चा क्रिकेट जगत में तेज हो गई है.
श्रीसंत ने वैभव से अपील की है कि वे क्रिकेट पर पूरा ध्यान दें और प्रोफेशनल मैनेजरों तथा बाहरी लोगों के प्रभाव से बचें. उनका मानना है कि इस उम्र में परिवार और कोच ही खिलाड़ी के लिए सबसे मजबूत सहारा होते हैं.
दरअसल, वैभव सूर्यवंशी को भारत की आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे वाली टीम में जगह मिली है. इसके साथ ही वह भारतीयटीम के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो अब तक सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज था. सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल की उम्र में भारत के लिए पदार्पण किया था.
श्रीसंत ने वैभव के शुरुआती संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना काल के दौरान भी इस युवा खिलाड़ी के अभ्यास के वीडियो देखे थे. उन्होंने वैभव के पिता और कोचों की जमकर तारीफ की.
पूर्व भारतीय गेंदबाज ने कहा कि वैभव के पिता सम्मान के पात्र हैं. उन्होंने बताया कि बिना किसी गारंटी के घंटों सफर करके अभ्यास करना, रोजाना सैकड़ों गेंद खेलना और लगातार मेहनत करते रहना ही वैभव को यहां तक लेकर आया है.
श्रीसंत ने कहा कि आज क्रिकेट में हर कोई अवसर की बात करता है, लेकिन वैभव ने अवसर का इंतजार नहीं किया बल्कि अपनी मेहनत से रास्ता बनाया. उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज रोजाना 750 से 1000 गेंद तक खेलता था और लगातार ड्रिल्स करता था. इतना ही नहीं, वैभव खुद कहता है कि उसे आराम करना पसंद नहीं है.
श्रीसंत ने वैभव की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि वह खुद भी इस युवा खिलाड़ी से सीखना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि इतने कम उम्र में जिस तरह की प्रतिबद्धता और अनुशासन वैभव ने दिखाया है, वह बेहद दुर्लभ है.
श्रीसंत ने वैभव को चेतावनी क्यों दी?
इसी दौरान श्रीसंत ने एक अहम चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि अब वैभव के आसपास कई प्रोफेशनल मैनेजर और एजेंट आने की कोशिश करेंगे, लेकिन उन्हें इन सब चीजों से दूर रहना चाहिए.
श्रीसंत का संदेश साफ था. उन्होंने कहा- वैभव, अगर तुम यह देख रहे हो तो मेरी एक ही सलाह है कि इन मैनेजरों को किनारे रखो और खुद पर ध्यान दो. तुम्हारे पिता और परिवार के लोग सब संभाल लेंगे. प्रोफेशनल मैनेजरों से दूर रहो और अपने खेल पर फोकस करो.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई क्रिकेट फैन्स भी मानते हैं कि कम उम्र में मिली सफलता के बीच वैभव के लिए जमीन से जुड़े रहना और क्रिकेट को प्राथमिकता देना सबसे बड़ी चुनौती होगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क