वैभव अंदर आने को बेताब, अभिषेक हटने को तैयार नहीं! 32 गेंदों में बदल दिया पूरा गणित

वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह देने की चर्चा के बीच अभिषेक शर्मा ने 32 गेंदों में 82 रन ठोककर पूरा गणित बदल दिया. अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी तूफानी पारी ने साफ कर दिया कि फिलहाल ओपनिंग में उनकी जगह को खतरा नहीं है. ऐसे में वैभव की एंट्री होती है तो दबाव संजू सैमसन पर बढ़ता दिख रहा है.

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टीम इंडिया प्रबंधन को करनी पडे़गी मशक्कत.... वैभव को कब अंदर लाएं. (Photo: PTI) टीम इंडिया प्रबंधन को करनी पडे़गी मशक्कत.... वैभव को कब अंदर लाएं. (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:49 PM IST

15 साल का वैभव दरवाजे पर खड़ा है... लेकिन अभिषेक ने भीतर से कुंडी और मजबूत कर दी! टीम इंडिया के सामने एक ऐसा सवाल खड़ा हो गया है, जिसका जवाब आने वाले मैचों में खूब चर्चा पैदा कर सकता है. सवाल है- वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में लाना है तो बाहर कौन बैठेगा?

जिम्बाब्वे के खिलाफ बल्ले से तहलका मचाने वाला 15 साल का 'बेबी बॉस' अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में बाहर बैठा. लेकिन उसे बाहर रखने के बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट की मुश्किल कम नहीं हुई. क्योंकि वैभव की एंट्री की बहस पहले से तेज थी और ओपनिंग स्लॉट पर नजरें टिकी थीं.

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फिर दिल्ली में अषिषेक शर्मा ने 32 गेंदों में 82 रन ठोक दिए. अब समीकरण और दिलचस्प हो गया है. वैभव की दस्तक जारी है, लेकिन अभिषेक ने फिलहाल अपनी जगह पर ताला जड़ दिया है.

Baby Boss बाहर बैठा, लेकिन चर्चा उसी की

वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ मौका नहीं मिला तो सवाल उठे- आखिर क्यों? आखिर इस 15 साल के बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे में क्या कमाल किया था? तीसरे टी20 में प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑप द सीरीज... बेखौफ बल्लेबाजी, बड़े शॉट और गेंदबाजों पर ऐसा हमला कि उम्र महज आंकड़ा लगने लगी.

भारत के लिए सीनियर स्तर पर खेलने वाला सबसे कम उम्र का क्रिकेटर अब सिर्फ भविष्य की कहानी नहीं रह गया है. वह प्लेइंग इलेवन के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे चुका है.

यही वजह थी कि अफगानिस्तान के खिलाफ ओपनिंग को लेकर तीन नाम चर्चा में थे- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी. लेकिन टीम ने वैभव को बाहर रखा.

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और फिर अभिषेक ने ऐसा जवाब दिया कि वैभव की एंट्री का रास्ता पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया.

32 गेंदों में अभिषेक का हमला

अभिषेक खुद सवालों के घेरे में थे. पिछली 6 टी20 इंटरनेशनल पारियों में उनके स्कोर थे- 10, 16, 3, 1, 8 और 2. रन नहीं आ रहे थे और इसी खराब दौर ने वैभव के लिए उम्मीद की खिड़की खोली थी.

लेकिन दिल्ली में 157 रनों के लक्ष्य का पीछा शुरू होते ही अभिषेक ने उस खिड़की पर भी बल्ला दे मारा.

पहले ओवर में दो डॉट गेंदों के बाद फारूकी की गेंद पर छक्का. फिर उमरजई के खिलाफ छक्का-चौका. पांचवें ओवर में फारूकी के खिलाफ छक्का और चौका.

सिर्फ 13 गेंदों में 33 रन. फिर राशिद खान आए. पहली ही गेंद पर चौका. 22 गेंदों में अर्धशतक.

राशिद के खिलाफ छक्का-चौका. नूर अहमद के खिलाफ लगातार दो छक्के. मोहम्मद नबी के खिलाफ सातवां छक्का.

कुल 82 रन, 32 गेंद, 7 चौके और 7 छक्के. अफगानिस्तान को संभलने का मौका ही नहीं मिला.

अब वैभव आएंगे तो किसकी जगह?

यही वह सवाल है जो इस पारी के बाद और बड़ा हो गया है.

वैभव को बाहर रखना लंबे समय तक आसान नहीं होगा. उन्होंने जिम्बाब्वे में जो किया है, उसके बाद उन्हें सिर्फ 'भविष्य का सितारा' कहकर बेंच पर बैठाए रखना मुश्किल होगा.

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लेकिन अभिषेक ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इससे बेहतर समय शायद ही चुना होता.

अगर वह फिर कुछ मैचों तक इसी तरह रन बनाते रहे तो वैभव को ओपनिंग में जगह देने के लिए Abhishek को हटाना आसान फैसला नहीं होगा.

यानी वैभव की एंट्री की सबसे बड़ी कीमत अब शायद संजू सैमसन को चुकानी पड़ सकती है.

संजू के सामने Baby Boss की चुनौती

संजू के पास अनुभव है, बड़े मैचों का रिकॉर्ड है और 2026 टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी. 2024 में उन्होंने तीन टी20 इंटरनेशनल शतक भी लगाए थे.

लेकिन भारतीय टी20 टीम में उनकी जगह अब भी पूरी तरह पक्की नहीं दिखती. और अब सामने कोई सामान्य युवा बल्लेबाज नहीं है.सामने वैभव है.

इस टी20 में संजू के बल्ले ने भी वैभव की एंट्री का रास्ता रोकने में कोई मदद नहीं की. वह सिर्फ 8 गेंदों में 10 रन बनाकर चलते बने.

15 साल का वह बल्लेबाज जिसने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मौकों पर ही बता दिया कि उसे उम्र से डर नहीं लगता. बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट खेलना और शुरुआत से ही मैच का रुख बदल देना उसकी पहचान बनती जा रही है.

ऐसे में वैभव अगर प्लेइंग इलेवन में आते हैं, तो किसी एक बड़े नाम को बाहर बैठना होगा.अभिषेक की दिल्ली वाली पारी के बाद वह नाम और साफ होता नजर आ रहा है.

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जब मौका मिलेगा, तब किसे हटाया जाएगा?

दिल्ली में वैभव नहीं खेले, लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी कहानियों में से एक फिर भी वही रहे. क्योंकि अब मामला सिर्फ इतना नहीं है कि वैभव को कब मौका मिलेगा. मामला यह है कि जब मौका मिलेगा, तब किसे हटाया जाएगा?

अभिषेक ने अपनी 82 रनों की पारी से एक मजबूत संदेश दिया है- उन्हें हटाकर वैभव को जगह देना अब इतना आसान नहीं होगा.

लेकिन वैभव भी पीछे हटने वालों में नहीं हैं. उन्होंने जिम्बाब्वे में जिस तरह दस्तक दी, वह एक मैच की कहानी नहीं थी. वह एक सिलसिला था. और यही वजह है कि टीम इंडिया के दरवाजे पर खड़ा यह 15 साल का बल्लेबाज किसी न किसी दिन अंदर आएगा ही.

सवाल सिर्फ इतना है कि उस दिन उसके साथ ओपनिंग कौन करेगा? अभिषेक ने दिल्ली में अपनी सीट बचा ली है. अब Baby Boss की एंट्री के लिए नजरें संजू सैमसन की सीट पर टिक गई हैं. 


 

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