माइकल वॉन के बेटे ने उड़ाया गर्दा... पहले बल्ले से बरसाए चौके-छक्के, फिर गेंद से किया कमाल

सरे के खिलाफ मुकाबला आर्ची वॉन के लिए काफी खास रहा. मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अहम सफलताएं हासिल कीं. आर्ची ने दिखाया कि वह समरसेट के साथ-साथ इंग्लिश टीम के लिए ऑलराउंड विकल्प साबित हो सकते हैं.

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आर्ची वॉन ने अब तक इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. (Photo: Getty Images) आर्ची वॉन ने अब तक इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. (Photo: Getty Images)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

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  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन के बेटे आर्ची वॉन ने सरे के खिलाफ शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन कर समरसेट की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई. 20 वर्षीय आर्ची ने छठे नंबर पर बैटिंग करते हुए सिर्फ 36 गेंदों में 52 रन कूटे. इसके बाद अपनी स्पिन गेंदबाजी से तीन विकेट चटकाए. समरसेट ने मुकाबला 188 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया.

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टॉन्टन में आयोजित वनडे कप के मुकाबले में समरसेट को आखिरी ओवरों के दौरान तेजी से रन बनाने की जरूरत थी. आर्ची वॉन ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया. उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सरे के गेंदबाजों को निशाना बनाया. अपनी पारी में उन्होंने तीन चौके और तीन छक्के लगाए.

उनके तेजी से बनाए गए रनों ने समरसेट को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. समरसेट ने सरे के सामने जीत के लिए 369 रनों का विशाल लक्ष्य रखा.

चेज में सरे के बल्लेबाजों को रन गति बनाए रखने के साथ विकेट भी बचाने थे, लेकिन समरसेट के स्पिन आक्रमण ने उनकी योजना बिगाड़ दी. आर्ची ने नौ ओवर में 41 रन खर्च किए और तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. उनके स्पेल में एक मेडन ओवर भी शामिल रहा. इससे सरे के मध्यक्रम पर दबाव बढ़ता चला गया.

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दूसरे छोर से अनुभवी स्पिनर जैक लीच ने सरे को संभलने का मौका नहीं दिया. उन्होंने 8.2 ओवर में महज 29 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. दोनों स्पिनरों की प्रभावी गेंदबाजी के सामने सरे के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके. लगातार विकेट गिरने के कारण रनचेज पूरी तरह पटरी से उतर गया और टीम 180 रनों पर सिमट गई.

माइकल वॉन के बेटे होने की वजह से आर्ची पर इंग्लिश फैन्स की निगाहें रहती हैं.माइकल वॉन की अगुवाई में इंग्लिश टीम ने 2005 में प्रतिष्ठित एशेज सीरीज जीती थी. हालांकि युवा आर्ची अपने खेल के दम पर अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं, जिससे टीम को दोहरी भूमिका निभाने वाला विकल्प मिलता है.

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