इस रामलीला के किरदार गांव वाले होते हैं. हर रोज श्रृंगार भवन से भगवान श्री राम की बारात सजती है और गाजे-बाजे के साथ रामलीला की जगह के लिए निकलती है. कुछ मोहल्लों में रामलीला का मंचन करने के बाद घर-घर जाकर रामलीला करने की अनूठी परंपरा है.