Sonam Wangchuk ने ‘हिरासत’ के बाद संदेश जारी कर 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने की अपील की और इसे दूसरा आजादी आंदोलन बताया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती को गैरकानूनी बताया.