माता पिता ने बताया कि 17 जून को केतन की मौत के दिन केतन ने लोहगढ़ किला जाने की अपनी मंशा जताई थी जबकि सिया ने उस जगह जाने से साफ मना कर दिया था. माता पिता का यह भी कहना है कि सिया के माता पिता ने कहा था कि यदि उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे फांसी दी जानी चाहिए. यह बयान घटनाक्रम की गहराई को दर्शाता है जिसमें परिवार के दृष्टिकोण और जिम्मेदारी की भावनाएँ शामिल हैं.