26 सितंबर को सपा प्रवक्ताओं की करीब दो घंटे बैठक हुई, जिसमें अखिलेश यादव ने डिबेट और सोशल मीडिया को लेकर नसीहत दी। उन्होंने कहा कि बिना तैयारी बयान देने से बचें, धर्म-जाति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सावधानी बरतें और हर मुद्दे पर बोलने के बजाय जरूरत पड़ने पर चुप रहें।