रातों-रात मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि चारों तरफ से घेरा बंदी कर लोगों को घरों में बंद कर दिया गया और फिर मस्जिद को डेमोलिश कर दिया गया. इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि यह केवल एक मस्जिद को गिराना नहीं है, बल्कि यह देश के संविधान पर एक बड़ा हथौड़ा चलाने जैसा है.