प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर हुए विवाद पर आलोचकों को जवाब दिया। SRCC के शताब्दी समारोह में उन्होंने इसे ‘होम्योपैथिक गोली’ बताते हुए कहा कि इसके बाद ‘दिमागी नक्सल’ सामने आने लगे हैं।