26 अगस्त नेपाल के लिए एक भयावह दिन बन गया। सुबह तक जीवन देने वाली भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कुछ ही घंटों में मौत की धारा बन गई। उफनते पानी और मलबे ने गांव, पुल, सड़कें और जलविद्युत परियोजनाओं को तबाह कर दिया।