नीम करोली बाबा को हनुमान जी का अंश मानने की धारणा ऐतिहासिक प्रमाणों के बजाय भक्तों की आस्था और उनसे जुड़ी कथाओं पर आधारित है। बाबा स्वयं को भगवान के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय राम नाम, हनुमान भक्ति और सेवा की प्रेरणा देते थे।