अजिंक्य रहाणे ने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें टेस्ट डेब्यू के लिए 20 मैच और दो साल तक 12वें खिलाड़ी के रूप में इंतजार करना पड़ा। उन्होंने इस मुश्किल दौर को सकारात्मक तरीके से लेते हुए खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।