करीब 20 साल से अंतरिक्ष में काम कर रहे स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने के लिए नासा ने एक खास रोबोटिक मिशन शुरू किया है. शुक्रवार को लॉन्च किए गए इस मिशन का मकसद टेलीस्कोप को पृथ्वी के वातावरण में जलकर खत्म होने से बचाना और उसे फिर से ऊंची ऑर्बिट में पहुंचाना है. यह पूरा ऑपरेशन कई महीनों तक चलेगा. अगर मिशन सफल रहा तो फ्यूचर में पुराने सैटेलाइट और स्पेस टेलीस्कोप की उम्र भी बढ़ाई जा सकेगी.
नासा का भेजा गया रोबोट पहले स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप की ऑर्बिट के पास पहुंचेगा. वहां पहुंचने के बाद वह अपने सोलर पैनल खोलेगा और सभी सिस्टम की जांच करेगा. इसके बाद वह अंतरिक्ष में स्विफ्ट टेलीस्कोप का पता लगाएगा, उसके पास पहुंचेगा और तीन रोबोटिक भुजाओं (रोबोटिक आर्म) की मदद से उससे जुड़ेगा. इस पूरी प्रक्रिया में कई हफ्ते लग सकते हैं.
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300 किलोमीटर ऊपर पहुंचाने की कोशिश
टेलीस्कोप से जुड़ने के बाद रोबोट उसे पृथ्वी से करीब 300 किलोमीटर ऊंची ऑर्बिट में ले जाने की कोशिश करेगा. इससे स्विफ्ट फिर से ऐसी ऑर्बिट में पहुंच जाएगा, जहां वह कुछ और साल तक वैज्ञानिकों के लिए काम कर सके. नासा के मुताबिक, सिर्फ इस चरण में ही कम से कम एक महीने का समय लग सकता है.
क्यों अहम है स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप?
स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को साल 2004 में लॉन्च किया गया था. इसे बनाने में करीब 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च हुए थे. इसका काम गामा रे बर्स्ट का अध्ययन करना है. ये ब्रह्मांड में होने वाले सबसे ताकतवर विस्फोट माने जाते हैं. इस टेलीस्कोप से मिली जानकारी ने ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार और ब्रह्मांड के शुरुआती दौर को समझने में वैज्ञानिकों की काफी मदद की है.
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नासा के अधिकारियों का कहना है कि इस मिशन में कई ऐसे काम किए जाएंगे, जो पहले कभी इस तरह नहीं किए गए. इसलिए इसे तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.
अगर यह मिशन सफल रहता है तो फ्यूचर में पुराने सैटेलाइट और स्पेस टेलीस्कोप को समय से पहले खत्म होने से बचाया जा सकेगा. इससे महंगे अंतरिक्ष मिशनों की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ अंतरिक्ष में बढ़ रहे स्पेस जंक को कम करने में भी मदद मिल सकती है.
आजतक साइंस डेस्क