50 साल, 66 अरब पौधे... चीन के सबसे बड़े मिशन पर नया खुलासा

चीन ने 66 अरब पौधे लगाए और अब उनकी 'ग्रोथ रिपोर्ट' सामने आई है. चीन के दो रेगिस्तानों को हरा-भरा करने के लेकर नई स्टडी में कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं.

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चीन के शिनजियांग प्रांत के तुरपान में रेगिस्तान को हरियाली में बदल दिया गया है. (Photo: Getty) चीन के शिनजियांग प्रांत के तुरपान में रेगिस्तान को हरियाली में बदल दिया गया है. (Photo: Getty)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

करीब 50 साल पहले चीन ने गोबी और तकलामाकान रेगिस्तान को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पौधे लगाने का अभियान शुरू किया था. इसे दुनिया का सबसे बड़ा पौधे लगाने का अभियान माना जाता है. जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में छपी एक नई स्टडी में पता चला है कि इस अभियान के तहत लगाए गए करीब 66 अरब पौधे, आसपास के प्राकृतिक जंगलों की तुलना में 66% तेजी से बढ़ रहे हैं. 

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वैज्ञानिकों ने चीन के अलग-अलग इलाकों के जंगलों और सैटेलाइट से मिले डेटा की स्टडी की. उनका मकसद यह समझना था कि लगाए गए जंगल प्राकृतिक जंगलों से तेज क्यों बढ़ रहे हैं. स्टडी में यह भी सामने आया कि इस तरह की तेजी हमेशा नहीं रहती.

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रिसर्चर्स ने बताया कि कम उम्र के पौधे वैसे भी जल्दी बढ़ते हैं. लेकिन जब पौधों की उम्र, मौसम और इलाके की दूसरी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया, तब भी लगाए गए जंगल प्राकृतिक जंगलों की तुलना में करीब 4.6% ज्यादा तेजी से बढ़ते मिले. 

वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी एक बड़ी वजह हवा में बढ़ रही कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) है. कम उम्र के पौधे इस गैस का ज्यादा इस्तेमाल करके जल्दी नई पत्तियां और हरियाली बना लेते हैं. लेकिन रिसर्च यह भी बताती है कि यह फायदा हमेशा नहीं रहता. कुछ साल बाद इन पौधेों की बढ़ने की रफ्तार कम होने लगती है. इसलिए सिर्फ ज्यादा पौधे लगाना ही पर्यावरण की हर समस्या का हल नहीं है.

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स्टडी के मुताबिक, लगाए गए पौधे 30 से 40 साल की उम्र तक सबसे तेजी से बढ़ते हैं. इसके बाद उनकी बढ़ने की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि लगाए गए जंगलों में ज्यादातर पौधे एक साथ लगाए जाते हैं. उनकी देखभाल भी होती है, इसलिए शुरुआत में उनकी बढ़त ज्यादा दिखाई देती है.

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रिसर्च के मुताबिक, प्राकृतिक जंगल धीरे-धीरे बढ़ते हैं, लेकिन वे सैकड़ों साल तक कार्बन को अपने अंदर जमा रख सकते हैं. इन जंगलों में कई तरह के पौधे-पौधे, पक्षी, जानवर और दूसरे जीव रहते हैं. इसलिए प्राकृतिक जंगल जैव विविधता के लिए भी ज्यादा जरूरी हैं. इसके मुकाबले लगाए गए जंगल क्लाइमेट चेंज  से लड़ने में मदद तो करते हैं, लेकिन वे प्राकृतिक जंगलों की पूरी जगह नहीं ले सकते.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा पौधे लगाना अच्छी बात है. इससे कम समय में हवा से कार्बन डाइऑक्साइड कम करने में मदद मिल सकती है. लेकिन इसके साथ पुराने और प्राकृतिक जंगलों को बचाना भी उतना ही जरूरी है. अगर प्राकृतिक जंगल खत्म होते रहे, तो सिर्फ नए पौधे लगाकर लंबे समय तक पर्यावरण की रक्षा नहीं की जा सकती.

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यह स्टडी बताती है कि नए लगाए गए पौधे शुरुआत में तेजी से बढ़ते हैं और ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड सोख सकते हैं. लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है, उनकी बढ़ने की रफ्तार कम हो जाती है. इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए नए पौधे लगाना और पुराने प्राकृतिक जंगलों को बचाना, दोनों जरूरी हैं.

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