Venus Ketu Conjunction: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रहों के मिलन से बनने वाली युति का प्रभाव हर राशि के जीवन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है. ज्योतिष गणना के अनुसार 4 जुलाई 2026 को प्रेम और भौतिक सुख के कारक ग्रह शुक्र, सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस समय केतु पहले से ही सिंह राशि में विराजमान हैं, जिससे यहां शुक्र-केतु युति का निर्माण होगा. यह खगोलीय घटना 30 जुलाई तक प्रभावी रहेगी.
ज्योतिष शास्त्रियों का मानना है कि शुक्र और केतु का यह मिलन आध्यात्मिक और भौतिक संतुलन की दृष्टि से काफी दिलचस्प है. यद्यपि शुक्र भौतिकता का प्रतीक है, केतु वैराग्य का, लेकिन यह युति कुछ विशिष्ट राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाली है. आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं:
इन राशियों पर रहेगा सकारात्मक प्रभाव:
1. वृषभ राशि:
इस राशि के जातकों के लिए यह समय भूमि, भवन और वाहन सुख में वृद्धि के प्रबल संकेत लेकर आया है. हालांकि परिवार के साथ कुछ छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में आप सफल रहेंगे. आर्थिक मोर्चे पर यह समय अनुकूल है. आप किसी शुभ कार्य में धन व्यय कर सकते हैं. व्यापारियों के लिए यह अवधि लाभप्रद साबित होगी.
2. तुला राशि:
तुला राशि वालों के लिए यह युति आर्थिक स्थिरता लेकर आएगी. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी. आय के नए स्रोत विकसित होंगे. निवेश के लिए समय उत्तम है. करियर में कोई नई बड़ी उपलब्धि आपको मिल सकती है. परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
3. वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि के लिए यह समय जीवनसाथी के करियर में उन्नति का कारक बनेगा. नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी. भाग्य का साथ बना रहेगा. भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी. अटके हुए काम पूरे होने से मन को शांति मिलेगी. ध्यान रखें कि इस अवधि के दौरान जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान दें.
युति के अशुभ प्रभावों को कम करने के उपाय:
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं.
शिव उपासना: भगवान शिव की पूजा शुक्र-केतु युति के अशुभ प्रभावों को कम करने में सबसे कारगर है. नियमित रूप से "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें.
दान-पुण्य: शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्रों या खीर का दान करें. केतु के लिए जरूरतमंदों और संतों की सेवा करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
सकारात्मक दृष्टिकोण: केतु आध्यात्मिक झुकाव का प्रतीक है, इसलिए इस समय अपनी ऊर्जा को रचनात्मक और अध्यात्म की ओर लगाने से विशेष लाभ मिलता है.
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