Shani Vakri 2026: शनि इस वक्त मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और सिंह व धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. दोनों राशियों पर इसका प्रभाव जून 2027 तक बना रहेगा. ज्योतिषविदों का कहना है कि जून 2027 को जब शनि मेष राशि में गोचर करेंगे, तब सिंह और धनु राशि की ढैय्या समाप्त होगी. ऐसे में यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि जब 27 जुलाई को शनि देव मीन राशि में वक्री रहेंगे, तब ढैय्या से प्रभावित राशियों पर इसका कैसा प्रभाव होगा. आइए जानते हैं.
सिंह राशि
27 जुलाई को शनि के वक्री होने के बाद आपकी नौकरी और कारोबार में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचने और हर फैसला सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी. परिवार के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखना लाभदायक रहेगा. साथ ही, किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूरी रखने की सलाह दी गई है.
धनु राशि
पेशेवर जीवन में मेहनत का दबाव महसूस हो सकता है. किसी भी काम में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. बेवजह के खर्च बढ़ने की संभावना रहेगी, इसलिए आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. वहीं नौकरीपेशा लोगों को नई नौकरी के बेहतर अवसर मिलने के संकेत भी मिल सकते हैं. आपको किसी अच्छी जगह से नौकरी का ऑफर मिल सकता है. स्वास्थ्य को लेकर आपको थोड़ी सावधानी बरतनी होगी.
क्या है शनि की ढैय्या?
शनिदेव को न्याय और कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है. सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलते हैं और एक राशि में करीब ढाई वर्ष तक रहते हैं. पूरी राशिचक्र यात्रा पूरी करने में शनि को लगभग 30 वर्ष लगते हैं. जन्म राशि से चौथे या आठवें भाव में शनि के आने पर शनि की ढैय्या मानी जाती है. इसका प्रभाव करीब ढाई साल तक रहता है और इस दौरान व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल मिलने की मान्यता है.
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