Saraswati Puja 2026: कब है सरस्वती पूजा? नोट करें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Saraswati Puja 2026: अक्टूबर 2026 में सरस्वती पूजा कब है? जानें मां सरस्वती की पूजा की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व। विद्यार्थियों के लिए क्यों खास है यह पर्व, जानें पूरी जानकारी.

Advertisement
सरस्वती पूजा के लिए शुभ समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. सरस्वती पूजा के लिए शुभ समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

Saraswati Puja 2026: इस साल अक्टूबर में मां सरस्वती की पूजा को लेकर भक्तों के बीच तारीख और शुभ मुहूर्त जानने की उत्सुकता है. मां सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी माना जाता है. उनकी आराधना का यह पर्व खासतौर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और कला से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं अक्टूबर 2026 में सरस्वती पूजा कब मनाई जाएगी, पूजा का शुभ समय क्या है, किस विधि से मां की आराधना करनी चाहिए. 

Advertisement


सरस्वती पूजा 2026 की तारीख
पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र के दौरान सरस्वती पूजा 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को मनाई जाएगी.  इससे एक दिन पहले यानी 16 अक्टूबर को सरस्वती आवाहन होगा. 18 अक्टूबर को सरस्वती बलिदान और 19 अक्टूबर को सरस्वती विसर्जन किया जाएगा. 

सरस्वती पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त
सरस्वती पूजा के लिए शुभ समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के मुताबिक, 17 अक्टूबर को पूजा का प्रमुख समय सुबह 6:22 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक बताया गया है.  वहीं, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के आधार पर पूजा का मुहूर्त दोपहर 3:54 बजे से शाम 6:14 बजे तक है. अपने शहर के अनुसार पूजा का समय जरूर जांच लें. 


मां सरस्वती की पूजा विधि
सरस्वती पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें.  इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.  मां को फूल, अक्षत, चंदन और फल अर्पित करें, पूजा के दौरान दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक मां सरस्वती की वंदना करें.

Advertisement

विद्यार्थी अपनी किताबें, कॉपी और कलम पूजा स्थल के पास रखकर मां का आशीर्वाद ले सकते हैं.  संगीत और कला से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्रों को भी पूजा में शामिल कर सकते हैं. पूजा के बाद मां को फल, मिठाई या खीर का भोग लगाएं और प्रसाद वितरित करें. 

सरस्वती पूजा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं में मां सरस्वती को ज्ञान, विवेक, वाणी और रचनात्मकता की देवी माना गया है.  उनकी पूजा विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों, संगीतकारों और कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.  मान्यता है कि मां की आराधना से एकाग्रता, सीखने की क्षमता और बुद्धि के विकास के लिए आशीर्वाद मिलता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »