Rahu Gochar 2026: ज्योतिष में राहु को रहस्यमयी और छाया ग्रह माना जाता है. इसकी चाल को अक्सर अचानक होने वाले बदलाव, महत्वाकांक्षा, नए अवसर और अनिश्चित परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है. साल के अंत में राहु एक बार फिर राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं. 5 दिसंबर 2026 को राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह बदलाव शाम 7 बजकर 28 मिनट पर होगा.
मकर राशि के स्वामी शनि हैं. ऐसे में शनि की राशि में राहु का प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राहु करीब 18 महीने में राशि परिवर्तन करते हैं और इस बार मकर राशि में उनका गोचर लंबे समय तक रहने वाला है. कुछ ज्योतिषीय गणनाओं में राहु के मकर राशि में करीब 548 दिनों तक रहने की बात कही गई है.
राहु गोचर से किन राशियों को लाभ?
मूल कुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर राहु का प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है. हालांकि उपलब्ध ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए इस गोचर से नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और नए अवसरों से जुड़े सकारात्मक परिणामों की संभावना बताई गई है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए राहु का मकर राशि में प्रवेश करियर से जुड़े मामलों में बदलाव ला सकता है. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं. कार्यक्षेत्र में अचानक कोई ऐसा अवसर मिल सकता है, जिससे आगे बढ़ने का रास्ता खुले. आर्थिक मामलों में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है. कारोबार करने वाले लोगों को नई डील या किसी नए प्रोजेक्ट से फायदा मिल सकता है.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर नए अवसर लेकर आ सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों की कोई महत्वपूर्ण डील फाइनल हो सकती है. नौकरी में बदलाव या बेहतर अवसर की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है. विदेश यात्रा, विदेश में काम या पढ़ाई से जुड़ी योजनाओं में भी आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए राहु का यह गोचर शिक्षा, डिजिटल क्षेत्र और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नौकरी में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है. विदेश से जुड़े काम या यात्रा की योजना भी आगे बढ़ सकती है. आर्थिक मामलों में अटके हुए कामों को गति मिलने की संभावना है. मन में चल रही कुछ उलझनें कम हो सकती हैं, हालांकि महत्वाकांक्षा बढ़ने के कारण फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी.
राहु किन भावों में शुभ माना जाता है?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहु को कुंडली के कुछ भावों में अपेक्षाकृत शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. खासतौर पर 3, 6, 10 और 11वें भाव में राहु की स्थिति को कई ज्योतिषीय परंपराओं में लाभकारी माना जाता है. कुछ स्रोत 2वें और 7वें भाव को भी राहु के लिए अनुकूल मानते हैं. वहीं 4, 8 और 12वें भाव में राहु की स्थिति को चुनौतीपूर्ण माना जाता है. हालांकि इसका अंतिम फल पूरी कुंडली, राशि, ग्रहों की स्थिति और दशा पर निर्भर करता है.
मकर राशि में राहु का गोचर क्यों खास?
मकर राशि के स्वामी शनि हैं और राहु के साथ शनि का संबंध ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए राहु का शनि की राशि में प्रवेश करियर, अनुशासन, महत्वाकांक्षा, कामकाज और सामाजिक स्थिति से जुड़े मामलों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है. इस दौरान अचानक मिलने वाले अवसरों के साथ भ्रम या जल्दबाजी की स्थिति भी बन सकती है. इसलिए किसी भी बड़े आर्थिक या करियर संबंधी फैसले में तथ्यों की जांच करना जरूरी रहेगा.
करीब 548 दिनों तक रहेगा प्रभाव
राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे और उपलब्ध गणनाओं के अनुसार करीब 23 जून 2028 तक यहां रहने की संभावना है. यानी यह कोई कुछ दिनों का गोचर नहीं है, बल्कि इसका ज्योतिषीय प्रभाव लंबे समय तक देखा जाएगा.
aajtak.in