Mahalakshmi Rajyog: खत्म हुआ इंतजार! 4 अक्टूबर को महालक्ष्मी राजयोग, 4 राशियां होंगी मालामाल

Mahalakshmi Rajyog: 4 अक्टूबर 2026 को मंगल-चंद्र की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा. जानें किन 4 राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं.

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4 अक्टूबर 2026 को मंगल-चंद्र की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा.  4 अक्टूबर 2026 को मंगल-चंद्र की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:00 PM IST

Maha Lakshmi Rajyog:  अक्टूबर की शुरुआत में ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है.  4 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे.  कर्क राशि में पहले से मंगल और गुरु की स्थिति रहेगी.  ऐसे में चंद्रमा का मंगल के साथ संयोग बनेगा, जिसे ज्योतिष में चंद्र-मंगल योग या महालक्ष्मी राजयोग कहा जाता है.  इसी दौरान चंद्रमा की गुरु के साथ युति से गजकेसरी राजयोग भी बनने की बात कही जा रही है.  ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों का प्रभाव आर्थिक मामलों, नौकरी और कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है. 

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चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस और पराक्रम से जुड़े ग्रह हैं.  दोनों की युति को धन और आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखा जाता है.  हालांकि किसी व्यक्ति पर योग का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है. 

कब बनेगा महालक्ष्मी राजयोग?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 6 अक्टूबर रात 10 बजकर 17 मिनट तक इसी राशि में रहेंगे.  इस दौरान कर्क राशि में मौजूद मंगल के साथ चंद्रमा की युति होगी.  कर्क राशि में गुरु की मौजूदगी के कारण चंद्रमा की गुरु के साथ भी युति बनेगी. 

मंगल के कर्क राशि में नीच स्थिति में होने की बात ज्योतिष में कही जाती है.  चंद्रमा के साथ युति होने पर इसके नीचत्व भंग होने की स्थिति बनती है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है.  इसी वजह से इस अवधि को कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से खास माना जा रहा है. 

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वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.  कामकाज से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं.  व्यापार करने वाले लोगों को साझेदारी या नए संपर्कों से फायदा मिलने के संकेत हैं. 

लंबे समय से अटका हुआ कोई काम आगे बढ़ सकता है.  रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन सकती है.  परिवार और भाई-बहनों का सहयोग मिलने से कई जरूरी काम आसानी से पूरे हो सकते हैं.  इस दौरान अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और नए लोगों से संपर्क बनाने का भी लाभ मिल सकता है. 

कर्क राशि

कर्क राशि में ही चंद्रमा-मंगल की युति बनने के कारण इस राशि के जातकों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  आत्मविश्वास बढ़ सकता है और काम को लेकर नई ऊर्जा महसूस हो सकती है. 

नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है.  मेहनत और काम के प्रदर्शन के आधार पर कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ने के संकेत हैं.  व्यापार करने वालों के लिए भी नई योजनाओं पर काम करने का समय हो सकता है. व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ सकती है.  हालांकि बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा. 

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तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग आय और करियर से जुड़े मामलों में बदलाव ला सकता है.  आमदनी के नए रास्ते खुलने की संभावना है.  नौकरी में लंबे समय से चली आ रही परेशानियां कम हो सकती हैं और नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं. 

व्यापार करने वाले जातक अपनी रणनीति में बदलाव करके लाभ हासिल कर सकते हैं.  आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होने के साथ पुराने कर्ज या आर्थिक दबाव से राहत मिलने के संकेत भी हैं.  इस अवधि में बनाए गए नए संपर्क भविष्य में काम आ सकते हैं. 

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह अवधि रचनात्मक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है.  नौकरी या कारोबार में नए आइडिया पर काम करने का मौका मिल सकता है.  आमदनी के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना है. 

निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के संकेत बताए जा रहे हैं, हालांकि किसी भी निवेश का फैसला केवल ज्योतिषीय भविष्यवाणी के आधार पर नहीं करना चाहिए.  परिवार का माहौल अच्छा रह सकता है और संतान से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है. 

क्या होता है चंद्र-मंगल योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब कुंडली में चंद्रमा और मंगल एक ही राशि या भाव में स्थित होते हैं, तो इसे चंद्र-मंगल योग कहा जाता है.  इसे धन, साहस, निर्णय लेने की क्षमता और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है.  वहीं महालक्ष्मी राजयोग को भी समृद्धि और आर्थिक उन्नति से संबंधित शुभ योगों में माना जाता है. 

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हालांकि केवल किसी एक ग्रह योग के आधार पर भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.  जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा और अन्य योग भी परिणामों को प्रभावित करते हैं. 

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