Jupiter Transit 2026: 2 जून को बृहस्पति का महागोचर, 152 दिन ये 4 राशियां भोगेंगी कष्ट!

Jupiter Transit 2026: 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं. ज्योतिष में गुरु का उच्च राशि में गोचर बेहद खास माना जाता है. जानें इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर होगा और किन राशियों को रहना होगा विशेष सावधान.

Advertisement
देवगुरु बृहस्पति का गोचर (Photo: ITG) देवगुरु बृहस्पति का गोचर (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

Jupiter Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन सबसे अधिक प्रभावशाली और व्यापक माना जाता है. ग्रहों के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति 2 जून 2026 को एक प्रमुख गोचर करने जा रहे हैं. इस दिन गुरु अपनी वर्तमान स्थिति को त्यागकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कर्क राशि बृहस्पति की 'उच्च' राशि है, जिसका अर्थ है कि इस गोचर के दौरान गुरु अपने सबसे शक्तिशाली और शुभ प्रभाव में रहेंगे.

Advertisement

बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, और भाग्य का कारक माना जाता है, इसलिए उनके इस राशि परिवर्तन से पूरी दुनिया के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है. किसी के लिए यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आएगा, तो किसी के लिए यह समय आत्म-चिंतन और सावधानी बरतने का होगा. क्या यह गोचर आपके लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा या आपको आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा? आइए जानते हैं कि कर्क राशि में गुरु का यह विशेष गोचर किन राशियों के लिए बहुत बुरा माना जा रहा है. 

मेष (Aries) 
गुरु का यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा. पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. घर के रखरखाव या माता के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें.

Advertisement

मिथुन (Gemini) 
बृहस्पति आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आर्थिक रूप से आपको सावधान रहना होगा. धन संचय में दिक्कतें आ सकती हैं. परिवार में वाणी के कारण मतभेद होने की संभावना है. फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं.

तुला (Libra) 
गुरु का गोचर आपके दसवें भाव में होगा. करियर और कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बड़ा बदलाव या तनाव देखने को मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. कार्य में किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें.

कुंभ (Aquarius) 
आपके छठे भाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य और शत्रुओं से जुड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. कानूनी मामलों में सावधानी बरतें. स्वास्थ्य के प्रति जरा भी लापरवाही न बरतें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement