मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार से इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आई है. पूर्व राजपरिवार के सदस्य स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी और राजमाता विजयराज कुमारी का सोमवार देर रात को निधन हो गया. राजमाता के निधन की खबर सामने आने के बाद उदयपुर सहित मेवाड़ अंचल में शोक की लहर है. राजपरिवार से जुड़े लोगों, शुभचिंतकों और शहरवासियों में गहरा दुख है.
राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं. उनके निधन के साथ ही मेवाड़ के राजपरिवार से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया. बताया जा रहा है कि 83 वर्षीय विजया कुमारी लंबे समय से बीमार थी. महासतीया स्थित 425 साल पुरानी छतरियों के यहां अंतिम संस्कार किया गया.
इस दौरान उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उन्हें मुखाग्नि दी. माता से बेहद लगाव होने से लक्ष्यराज काफी भावुक हो गए और उनकी आँखों से आंसू बहते दिखे. महासतिया में अंतिम संस्कार की परम्पराएं विधि विधान के साथ बारिश के बीच निभाई गई.
इससे पहले पूर्व राजपरिवार के निवास स्थल शंभू पैलेस से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई. यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. उनके अंतिम दर्शन के लिए रास्ते भर लोग सड़क के दोनों ओर लाइन लगाकर खड़े नजर आए. इस दौरान कई लोग भावुक भी नजर आए. रास्ते भर उन पर फूलों की भी बरसात की गई.
यात्रा में उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के साथ उनके पोते व परिवार के दूसरे सदस्य भी शामिल थे. विजयराज कुमारी का उदयपुर में शिक्षा और परोपकारी गतिविधियों में विशेष जुड़ाव रहा है. 1980 के दशक में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के विकास और आधुनिक शैक्षणिक स्वरूप देने में उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
विजयराज कुमारी के पति और पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का पिछले साल मार्च में ही निधन हो गया था. राजमाता विजयराज की तीन संतानें जिनमें 2 बेटियां और 1 बेटा लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ है.
पंकज शर्मा