राजस्थान के भरतपुर जिले में शादी के महज 10 महीने बाद एक विवाहिता की मौत हो गई. मथुरा गेट थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नगर कॉलोनी में सुकुर्ति यादव ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पति द्वारा चरित्र पर शक किए जाने की बात लिखे जाने की जानकारी है.
मृतका के पिता राकेश कुमार निवासी गोविंद नगर, मडरपुर रोड ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है. उनका आरोप है कि बेटी को लगातार परेशान किया जाता था और ससुराल वाले स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहे थे. पैसों की मांग को लेकर भी उसे प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है.
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घटना के बाद FSL की टीम मौके पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया. वहीं, सुसाइड नोट को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस पूरे मामले में सुसाइड नोट, परिजनों की शिकायत और मौके से मिले साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है.
आधी रात बहन का आया फोन
मृतका के पिता राकेश कुमार ने शिकायत में बताया कि देर रात करीब 12 बजे उनकी छोटी बेटी अंजली यादव ने फोन किया. अंजली ने कथित तौर पर बताया कि ससुराल वालों ने बड़ी बहन सुकुर्ति यादव को जान से मार दिया है. सूचना मिलते ही राकेश अपनी बेटियों के ससुराल की ओर रवाना हो गए.
राकेश के मुताबिक, रास्ते में उन्हें सुकुर्ति की सास श्यामवती और पति प्रशांत यादव उसे अस्पताल ले जाते हुए मिले. इसके बाद सुकुर्ति को पहले एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां से डॉक्टरों ने उसे आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इसके बाद सुकुर्ति के शव को देर रात ही आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया. पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही बेटी को ससुराल में परेशान किया जा रहा था. उनका दावा है कि सास श्यामवती और पति प्रशांत यादव लगातार दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहे थे.
'पैसे भेजने के बाद भी मांग बंद नहीं हुई'
राकेश कुमार का कहना है कि सुकुर्ति को कई बार पैसे भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर मांग जारी रही. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रताड़ना के चलते ससुराल वालों ने उनकी बेटी की हत्या कर दी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मृतका के पिता ने बताया कि करीब 10 महीने पहले उन्होंने प्रशांत यादव और उसके छोटे भाई के साथ अपनी दोनों बेटियों की शादी की थी. उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही दोनों बेटियों को उनके ससुराल में परेशान किया जाता था. परिवार की ओर से कई बार समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
वहीं, पुलिस को मिले दो पेज के सुसाइड नोट में सुकुर्ति ने अपनी जिंदगी और पति के साथ रिश्ते का जिक्र किया है. नोट में उसने लिखा कि वह अपने पति के साथ बहुत अच्छी जिंदगी जीना चाहती थी और दोनों के बीच प्यार के साथ दोस्ती का रिश्ता भी बन गया था. लेकिन उसके मुताबिक, एक शक ने सब कुछ बर्बाद कर दिया.
सुसाइड नोट में लिखा- 'एक शक ने सब बर्बाद कर दिया'
सुसाइड नोट में सुकुर्ति ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा कि उसने सब ठीक करने की कोशिश में चीजें और बिगाड़ दीं. उसने पति को दोषी नहीं बताते हुए कहा कि उससे सब खराब हो गया और वह खुद को माफ नहीं कर पा रही है.
नोट में उसने यह भी लिखा कि वह अपने पति के जीवन में खुशियां लेकर आना चाहती थी, लेकिन उसे लगता है कि उसकी वजह से सब कुछ खराब हो गया. उसने अपने पति के साथ बिताए अच्छे समय और उनके बीच बने दोस्ती के रिश्ते का भी जिक्र किया. सुसाइड नोट में चरित्र को लेकर शक की ओर भी इशारा किया गया है.
सुकुर्ति ने नोट में लिखा कि एक शक की वजह से उनका पूरा सफर प्रभावित हो गया. उसने अपने पति के साथ बिताई खुशियों को याद करते हुए खुद को दोषी माना और कहा कि अब वह सब छोड़कर जा रही है. हालांकि, सुसाइड नोट में लिखी बातों और पिता की ओर से लगाए गए दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बीच अंतर है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है.
पुलिस जांच में साफ होगी मौत की वजह
इस मामले में पुलिस अब सुसाइड नोट, FSL से जुटाए गए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. मृतका के पिता ने जहां ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है, वहीं सुसाइड नोट में विवाहिता ने अपने रिश्ते और एक शक को लेकर कई बातें लिखी हैं.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके पीछे कौन-कौन से कारण थे. ससुराल पक्ष पर लगाए गए दहेज और प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
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सुरेश कुमार