बारां नगर परिषद के इतिहास में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया. आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी शीतल राठौड़ बारां नगर परिषद की नई सभापति चुन ली गई हैं. सोमवार को हुए रोमांचक मुकाबले में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी भारद्वाज को 11 वोटों के अंतर से हरा दिया. सभापति चुनाव में शीतल राठौड़ को कुल 31 वोट मिले.
इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि भाजपा पार्षदों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया. इस जीत के साथ ही बारां नगर परिषद में कांग्रेस का 15 साल पुराना बोर्ड ध्वस्त हो गया है और राजस्थान में आम आदमी पार्टी की यह पहली नगर परिषद सरकार बनी है.
इस बार के नगर परिषद चुनाव में 60 वार्डों में हुए चुनाव में सीटों का बंटवारा इस प्रकार रहा था -
AAP - 31 सीटें
कांग्रेस - 18 सीटें
भाजपा - 9 सीटें
निर्दलीय - 2 सीटें
सभापति का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण बहुमत वाली आप पार्टी से शीतल राठौड़ सबसे प्रबल दावेदार थीं. पार्षद पद की शपथ के तुरंत बाद ही उन्होंने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया था. सोमवार को हुए मतदान में AAP ने अपने सभी 31 वोटों को एकजुट रखकर शीतल राठौड़ की ताजपोशी सुनिश्चित की.
शीतल राठौर की उम्र: 34 वर्ष है
जन्म स्थान: झालावाड़, राजस्थान. पिता पुलिस विभाग में कार्यरत रहे हैं.
शिक्षा: अंग्रेजी साहित्य में एमए.
परिवार: वर्ष 2014 में बारां नगर परिषद के पूर्व सभापति और कद्दावर नेता कमल राठौर से विवाह हुआ. दो बच्चे हैं.
शीतल राठौड़ ने इसी साल 2026 के नगर निकाय चुनाव से सक्रिय राजनीति में कदम रखा था और यह उनके जीवन का पहला ही चुनाव था. पहले ही चुनाव में पार्षद बनने के बाद सीधे सभापति की कुर्सी तक पहुंचना उन्हें बारां की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहा है.
राम प्रसाद मेहता