अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का मर्डर... सुबह साथ खेला लूडो, दोपहर में साथी कैदी ने गमछे से घोंटा गला

Jagan Gurjar Murder Ajmer Jail: राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड ने पूरे प्रदेश के कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन को हिलाकर रख दिया है. जेल के भीतर दो कैदियों के बीच सुबह की सफाई और लूडो खेलने से लेकर दोपहर में खूनी वारदात तक की पूरी इनसाइड स्टोरी और एसईओ न्यूज पैकेज नीचे दिया गया है.

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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सनसनीखेज मर्डर.(Photo:ITG) अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सनसनीखेज मर्डर.(Photo:ITG)

चंद्रशेखर शर्मा

  • अजमेर,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

राजस्थान के अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के ही एक दूसरे कैदी ने हाथापाई के बाद हत्या कर दी. गुर्जर की हत्या उसी सेल में रहने वाले एक कैदी ने तौलिए से गला घोंटकर की. यह वारदात सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच हुई.

अजमेर के SP हर्षवर्धन ने बताया, "शुरुआती जांच से पता चला है कि जेल के अंदर किसी मामूली बात पर दोनों के बीच हाथापाई हुई, जिसके बाद जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई. आरोपी विष्णु, गुर्जर के साथ ही सेल में रह रहा था."

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सुबह 11 बजे तक सब ठीक था, लूडो खेलते-खेलते हुआ विवाद?

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि जगन गुर्जर और आरोपी कैदी विष्णु दोनों एक ही बैरक (सेल) में बंद थे. जेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के हवाले से उन्होंने बताया सुबह 11 बजे की रिकॉर्डिंग में यह साफ आया है कि दोनों कैदी मिलकर बैरक की साफ-सफाई कर रहे थे. सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच जब कैदियों को लॉक किया जाता है, उस दौरान वे साथ में लूडो भी खेल रहे थे. इसके बाद दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ, यह अभी गहन जांच का विषय है.

जेल के अधिकारी ने बताया, "उन्हें सुबह 11 बजे सेल में बंद किया गया था और जब दोपहर 3 बजे एक गार्ड सेल में गया, तो उसने उसे मृत पाया. शव पर चोट का कोई बाहरी निशान नहीं था." उन्होंने बताया कि विष्णु पिछले तीन साल से हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि जगन गुर्जर को इस साल मार्च में इस जेल में ट्रांसफर किया गया था.

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एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान विष्णु ने तौलिए से जगन गुर्जर का गला घोंटने की बात कबूल की. ​​उन्होंने कहा कि मामले की आगे जांच की जाएगी.

चाय देने पहुंचे संतरी के सामने आरोपी ने खुद कुबूला जुर्म

जेल प्रशासन को इस वारदात की भनक दोपहर 3 बजे लगी. रोजाना के नियम के अनुसार, जब जेल का संतरी दोपहर 3 बजे बैरक खोलने और चाय के समय कैदियों को जगाने के लिए पहुंचा, तो उसने देखा कि जगन गुर्जर अपने बिस्तर से नहीं उठा.

गमछे से घोंटा गला, शरीर पर चोट के निशान नहीं

संतरी ने जब बैरक में ही मौजूद दूसरे कैदी विष्णु से कड़क लहजे में पूछा कि "जगन क्यों नहीं उठ रहा है?", तो विष्णु ने बिना किसी डर के ठंडे दिमाग से खुद अपना जुर्म कुबूल कर लिया. विष्णु ने संतरी से सीधे कहा, "मैंने यह काम कर दिया है." इसके तुरंत बाद जेल में सायरन बजाया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया.

डकैत जगन गुर्जर की मौत से जेल प्रशासन में हड़कंप.

सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम भी जेल परिसर पहुंच गई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया है.

100 से ज्यादा गुनाहों के इल्जाम

गुर्जर धौलपुर जिले का रहने वाला था और उसके खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में लगभग 100 मामले दर्ज थे.

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वह 2008 में तब चर्चा में आया जब उसने धौलपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का घर उड़ाने की धमकी दी थी. बाद में 2009 में उसने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने सरेंडर कर दिया था.

जून 2019 में, गुर्जर को दो महिलाओं के साथ मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गुर्जर को पकड़ने के ऑपरेशन में लगभग 500 पुलिसकर्मी शामिल थे.

देखें चंबल के आखिरी डाकू की कहानी

फरवरी 2022 में उसे एक और मामले में गिरफ्तार किया गया, जब उसने उस समय कांग्रेस विधायक रहे गिर्राज मलिंगा को जान से मारने की धमकी दी थी. जगन गुर्जर 1994 में अपराध की दुनिया में आया और उस पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन उसे पहली बार 2001 में गिरफ़्तार किया गया. इसके बाद उसे कई बार गिरफ्तार किया गया और कई बार जमानत पर रिहा भी किया गया.

गुर्जर राजस्थान और मध्य प्रदेश की चंबल घाटी के बीहड़ों में सक्रिय था, जो अपने डाकुओं और लुटेरों के लिए कुख्यात है.

पुलिस के अनुसार, उसकी तीन पत्नियां हैं, जिनमें से एक उसके आपराधिक कामों में उसके साथ शामिल थी. कई साल पहले मध्य प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गई थी. 

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