पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले एकजुटता की कोशिश... लेकिन पहले ही दिन गुटबाजी का खुला प्रदर्शन... कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब के नौ दिन के दौरे पर निकले हैं... मकसद संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है... लेकिन सरहिंद की पहली बैठक में ही सवाल उठ गया कि पार्टी को मजबूत कौन करेगा और पार्टी में ताकतवर कौन है? पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई और उनके समर्थकों को बैठक में नहीं बुलाया गया... तो चन्नी खेमे की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई... अब सवाल है... क्या पंजाब कांग्रेस में दो पावर सेंटर बन चुके हैं... और क्या चुनाव से पहले नेतृत्व की जंग तेज होने वाली है? देखिए ये रिपोर्ट...