कहीं नारा लग रहा है कि कलेक्टर साहब का आना होगा. कहीं नारे लगाए जाते हैं कि मांगें हमारी सुननी होगी. ये वो बच्चे हैं जिन्हें नागरिक शास्त्र का पाठ पढ़ाया जाता है. लेकिन ये पहली बार उन पाठों का प्रयोग भी कर रहे हैं. ये वो बच्चे हैं जिन्होंने आंदोलन के बारे में पढ़ा है. लेकिन पहली बार खुद आंदोलन कर रहे हैं. अब दो चीजों की जरूरत है. पहली- ऐसे हर आंदोलन में छात्रों की मांग सुनी जाए. देखें...