रामलला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की श्रद्धा को चुराने का पाप किया गया है, जो राम भक्तों के विश्वास के साथ विश्वास घात है. ये सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं बल्कि राम भक्तों की भावनाओं और उनकी आस्था के साथ खुल्लम खुल्ला अन्याय है. भक्तों ने अपना अटूट विश्वास पैसे और कीमती जेवरों के तौर पर दानपेटियों में चढ़ाया था, लेकिन उसी विश्वास को झकझोरने वाला पाप चढ़ावा चोरों ने किया है.