दिल्ली की जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर आंदोलन को 18 दिन हो चुके हैं. कई छात्र अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस बीच अभिनेता नसीरुद्दीन शाह में जामिया के छात्रों का मुद्दा उठाते हुए खुद को ना सिर्फ 'दिमागी नक्सल' बताया, बल्कि मौजूदा केंद्र सरकार के लिए ये कहा कि ये एक नाजायज हुकूमत यानी एक अवैध सरकार है. क्या जामिया के छात्र आंदोलन की मांगों पर नसीरुद्दीन शाह का ये बयान हावी हो गया? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.