ओडिशा पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए एंटी-ड्रग ड्राइव में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने जुलाई 2024 से मार्च 2026 के बीच चलाए गए अभियान के दौरान 2,106 करोड़ का गांजा जब्त किया है. इसके अलावा पुलिस ने 225 करोड़ कीमत का हैश ऑयल भी बरामद किया है. DGP वाईबी खुरानिया ने ये जानकारी दी है.
DGP खुरानिया ने भुवनेश्वर में आयोजित राज्य-स्तरीय प्री-ट्रायल ड्रग डिस्पोजल प्रोग्राम और सामूहिक एंटी-ड्रग शपथ समारोह को संबोधित करते हुए यह आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि राज्यभर में चलाए गए अभियान के दौरान 63,720 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैली गैर-कानूनी भांग की खेती को खत्म किया गया.
इस अवैध खेती की अनुमानित मार्केट वैल्यू करीब 1,911 करोड़ रुपए आंकी गई है. उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के निर्देशों के तहत 26 जून से 10 जुलाई तक देशभर में नेशनल-लेवल प्री-ट्रायल ड्रग डिस्ट्रक्शन स्पेशल ड्राइव चलाया जा रहा है. पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 2,445 केस दर्ज किए हैं.
इस कार्रवाई में 421 टन गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 2,106 करोड़ रुपए बताई गई है. उन्होंने बताया कि ड्रग के अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप में 3,502 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में कार्रवाई करते हुए एक हैश ऑयल यूनिट का खुलासा किया.
यहां से करीब 1,800 लीटर हैश ऑयल बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 225 करोड़ बताई गई. DGP के मुताबिक इस रैकेट से जुड़े चार लोगों को केरल से गिरफ्तार किया गया है. ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भी पड़ोसी राज्यों में सक्रिय इंटरस्टेट ड्रग तस्करी सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की है.
STF ने कंधमाल, बौध और सोनपुर से 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. DGP ने बताया कि 26 जून से 10 जुलाई तक चल रहे प्री-ट्रायल ड्रग डिस्ट्रक्शन स्पेशल ड्राइव के दौरान पुलिस ने 82 टन जब्त गांजा और 11.4 किग् ब्राउन शुगर नष्ट किया.
इसकी अनुमानित कीमत करीब 1000 करोड़ रुपए बताई गई है. ड्रग ट्रैफिकिंग मामलों की तेज सुनवाई के लिए राज्य सरकार ने चार स्पेशल NDPS कोर्ट बनाने को मंजूरी दी है. ये कोर्ट भुवनेश्वर, खुर्दा, अंगुल और संबलपुर में बनाए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य ड्रग्स से जुड़े मामलों में तेजी से कानूनी कार्रवाई करना है.
DGP ने बताया कि एक स्पेशल एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई जाएगी. इस टास्क फोर्स की अगुवाई एडिशनल DGP रैंक के अधिकारी करेंगे. इसमें पूरे राज्य में 10 ऑपरेशनल यूनिट और 19 स्पेशल इंटेलिजेंस यूनिट शामिल होंगी. मार्च 2029 तक ओडिशा को ड्रग-फ्री बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है.
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