दोस्त ने मरा समझकर कुएं में फेंका, 4 दिन बाद जिंदा निकला युवक, ग्रामीणों ने ऐसे बचाई जान

ओडिशा के बरगढ़ जिले में एक युवक की जीवटता ने सभी को हैरान कर दिया. आरोप है कि दोस्त ने हमला कर उसे मृत समझकर सुनसान कुएं में फेंक दिया था. युवक चार दिन तक बिना खाना-पानी के कुएं में फंसा रहा. आखिरकार एक ग्रामीण ने उसकी आवाज सुनी, जिसके बाद पुलिस और दमकल टीम ने उसे जिंदा बाहर निकाला.

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ओडिशा की घटना ने चौंकाया.(Photo: Ajaya Kumar Nath/ITG) ओडिशा की घटना ने चौंकाया.(Photo: Ajaya Kumar Nath/ITG)

अजय कुमार नाथ

  • बरगढ़,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST

ओडिशा के बरगढ़ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों, पुलिस और बचाव दल को भी हैरान कर दिया. यहां एक युवक पर कथित तौर पर उसके ही दोस्त ने हमला किया और उसे मृत समझकर सुनसान कुएं में फेंक दिया. लेकिन युवक ने हार नहीं मानी और चार दिन तक जिंदगी की जंग लड़ता रहा.

दरअसल, यह घटना बिजेपुर ब्लॉक के समलईपदार गांव स्थित एक नर्सरी परिसर के भीतर बने परित्यक्त कुएं की है. बचाए गए युवक की पहचान पदमपुर उपखंड के पुरेना गांव निवासी तुलसीराम बरिहा के रूप में हुई है.

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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3 बजे तुलसीराम पर उसके एक दोस्त ने हमला किया था. हमले के बाद आरोपी को लगा कि युवक की मौत हो चुकी है, जिसके बाद उसने कथित तौर पर उसे कुएं में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया.

चार दिन तक कुएं में फंसा रहा युवक

घटना के बाद तुलसीराम लापता हो गया और परिजन व स्थानीय लोग उसकी तलाश में जुट गए. दूसरी ओर गंभीर रूप से घायल युवक सुनसान कुएं में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा.

बताया जा रहा है कि उसके पास न खाने के लिए कुछ था और न ही पीने के लिए पानी. इसके बावजूद उसने चार दिनों तक किसी तरह खुद को जिंदा रखा और मदद मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी.

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समय बीतने के साथ उसकी हालत और बिगड़ती गई, लेकिन वह लगातार बाहर निकलने और किसी का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता रहा.

'भगवान-भगवान' की आवाज बनी जिंदगी की डोर

गुरुवार को इस मामले में नाटकीय मोड़ आया. स्थानीय निवासी बिहारी मलिक नर्सरी क्षेत्र में जलावन के लिए लकड़ियां इकट्ठा करने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें कुएं की दिशा से किसी के मदद के लिए पुकारने की आवाज सुनाई दी.

बिहारी मलिक ने बताया कि उन्हें पहले 'भगवान, भगवान' की आवाज सुनाई दी. जब वे आवाज की दिशा में पहुंचे तो देखा कि एक व्यक्ति कुएं के भीतर फंसा हुआ है और मदद की गुहार लगा रहा है.

उनके पास तत्काल बचाव का कोई साधन नहीं था, इसलिए वे तुरंत गांव पहुंचे और ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी दी.

पुलिस और दमकल टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया.

काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने तुलसीराम बरिहा को जिंदा कुएं से बाहर निकाल लिया. चार दिन तक कुएं में फंसे रहने के बावजूद उसके जीवित मिलने से हर कोई हैरान रह गया.

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ग्रामीणों, पुलिस अधिकारियों और बचावकर्मियों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना. युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

आरोपी दोस्त हिरासत में, जांच जारी

पुलिस के अनुसार, घायल युवक के शुरुआती बयान और जांच के आधार पर उसके कथित आरोपी दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले के पीछे क्या वजह थी और पूरी घटना किस तरह हुई. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी.

फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. वहीं अस्पताल में भर्ती तुलसीराम बरिहा की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

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