मध्य प्रदेश सरकार टीकमगढ़ जिले में 'कुंडेश्वर लोक' बनाएगी, ताकि उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर की तर्ज पर इस इलाके में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके. यह ऐलान सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया.
एक जनसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पर्यटन विभाग कुंडेश्वर धाम के लिए एक व्यापक योजना तैयार करेगा. लोगों की शिकायतों का उनके घर पर ही समाधान करने के लिए शुरू किए गए 'जन विश्वास अभियान' में हिस्सा लेते हुए यह ऐलान किया.
CM ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टीकमगढ़ जिले में कुंडेश्वर धाम को महाकाल लोक की तरह विकसित किया जाएगा.
इसके अलावा, सीएम यादव ने टीकमगढ़ के पीतल कारीगरों की कला और शिल्प को बढ़ावा देने के बारे में भी बात की.
'जन विश्वास अभियान' के तहत जिला विकास समिति की बैठक के बाद यादव ने जिले के विकास और सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए प्रमुख नागरिकों, जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और जिले की जरूरतों व प्राथमिकताओं के आधार पर एक कार्य योजना तैयार की जाएगी.
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सागर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद कई उद्योगपतियों ने निवेश किया है और उद्योग स्थापित किए हैं और उत्पादन भी शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि निवाड़ी और टीकमगढ़ के बीच 3000 करोड़ रुपये की लागत वाली एक स्टील उद्योग इकाई भी शुरू की गई है.
CM ने कहा कि राज्य में फूड प्रोसेसिंग पर आधारित उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे. इसके लिए, उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ITI और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से कुशल श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना योजना सहित सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना तय किया जा रहा है, और बेसहारा बच्चों को 4000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जा रही है.
उन्होंने कहा कि नल से जल योजना और राशन वितरण सहित सभी योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, और चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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