VIDEO: कभी कंधे पर तो कभी उफनते पानी में... सिवनी में ऐसे स्कूल जाते हैं बच्चे

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन ब्लॉक में बारिश के बाद उफनते नाले ने ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ा दी है. धौरीया और धाधर टोला के बीच स्कूली बच्चे तेज बहाव वाले नाले को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं.

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उफनते नाले को पार कर स्कूल जाते बच्चे. (Photo: Screengrbs) उफनते नाले को पार कर स्कूल जाते बच्चे. (Photo: Screengrbs)

पुनीत कपूर

  • सिवनी,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बारिश ने स्कूली बच्चों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है. लखनादौन ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुंगवारा में धौरीया और धाधर टोला के बीच उफनते नाले को पार कर बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं. जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छात्राएं एक-दूसरे का हाथ पकड़कर तेज बहाव वाले नाले को पार करती नजर आ रही हैं. वहीं छोटे बच्चों को परिजन कंधे और गोद में लेकर नाला पार करा रहे हैं.

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बताया जा रहा है कि शनिवार को हुई बारिश के बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे रास्ता खतरनाक हो गया. इसके बावजूद बच्चों को स्कूल जाने और फिर वापस घर लौटने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ा. वायरल वीडियो में बच्चों और उनके परिजनों की मजबूरी साफ दिखाई दे रही है.

चार महीने बनी रहती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के करीब 4 महीनों तक यह रास्ता उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. नाले में पानी बढ़ने के बाद बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी जान जोखिम में डालकर इसे पार करना पड़ता है. कई बार पानी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि गांव के लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है.

ग्रामीण रामकुमार यादव ने बताया कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है. छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक को जरूरी काम से बाहर जाना पड़ता है, लेकिन नाले में बाढ़ आने के बाद रास्ता बंद हो जाता है.

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75 मीटर लंबे पुल का भेजा जाएगा प्रस्ताव
मामले में लखनादौन जनपद सीईओ निलेश बर्मन ने बताया कि सहायक यंत्री के नेतृत्व में जांच दल को मौके पर भेजा गया है. जांच दल की रिपोर्ट मिलने के बाद पुल निर्माण का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि यहां करीब 75 मीटर लंबे पुल की जरूरत है. इसका निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) या किसी अन्य संबंधित विभाग के माध्यम से कराया जा सकता है.

ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द पुल निर्माण की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि हर साल बारिश के मौसम में बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार न करना पड़े.

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