मानसून की बारिश के बीच बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का हरा-भरा जंगल पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है. कोर क्षेत्र 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन के लिए बंद है, लेकिन बफर जोन में जंगल सफारी का रोमांच लगातार बढ़ रहा है. 1 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक सिर्फ 47 दिनों में 2 हजार से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक बांधवगढ़ के बफर जोन की सफारी कर चुके हैं.
इस अवधि में पर्यटकों के लिए 400 से अधिक सफारी फेरे लगाए गए, जिससे वन विभाग को 5.50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व मिला. इसका फायदा जिप्सी संचालकों, स्थानीय गाइड और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी मिल रहा है.
बाघ, तेंदुआ और हाथियों ने बढ़ाया रोमांच
मानसून के दौरान बांधवगढ़ के धमोखर और पनपथा बफर क्षेत्र पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं. सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ और तेंदुए के साथ इंडियन गौर, हाथी, चीतल, सांभर, बार्किंग डियर और नीलगाय जैसे वन्यजीवों के दीदार हो रहे हैं.
धमोखर बफर क्षेत्र में बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनी हुई हैं. बारिश के बाद घने और हरे-भरे जंगल, जल संरचनाओं में बढ़ा जलस्तर और सक्रिय वन्यजीवों की आवाजाही ने मानसून सफारी का रोमांच कई गुना बढ़ा दिया है.
स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी में भी उमड़े पर्यटक
स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज के अवकाश के दौरान भी बांधवगढ़ बफर जोन में पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिली. इस दौरान 29 सफारी वाहनों से 161 पर्यटक दलों ने जंगल का भ्रमण किया, जिससे करीब 40 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
वहीं, 16 अगस्त को 24 सफारी वाहनों से 111 पर्यटक दल बफर जोन की सफारी के लिए पहुंचे.
मानसून के दौरान कोर क्षेत्र बंद होने के बावजूद बांधवगढ़ का बफर जोन अब पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है. हरियाली के बीच वन्यजीवों की मौजूदगी और खुशनुमा मौसम पर्यटकों को लगातार जंगल सफारी की ओर खींच रहा है.
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