Tulsi Plant Care Tips: बारिश का मौसम पौधों की ग्रोथ और उसे हरा-भरा बनाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. मॉनसून में हवा में नमी होती है और मौसम में ठंडक मौजूद होती है, जिसकी वजह से कई पौधों में तेजी से नई पत्तियां और शाखाएं आने लगती हैं. तुलसी भी उन्हीं पौधों में शामिल है, जिसे तेजी से उगाने के लिए बारिश सबसे अच्छा मौसम होता है. लेकिन मॉनसून में सिर्फ बारिश के भरोसे तुलसी को छोड़ देना सही नहीं है. ज्यादा पानी, लगातार नमी और कम धूप के कारण इसकी जड़ें भी सड़ सकती हैं और पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं.
अगर आप चाहते हैं कि घर की तुलसी सिर्फ हरी ही नहीं, बल्कि चारों तरफ से घनी और खूब शाखाओं वाली नजर आए, तो बरसात में इसकी देखभाल का तरीका थोड़ा बदलना होगा. कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप तुलसी की ग्रोथ को बेहतर कर सकते हैं.
तुलसी को घना बनाने के लिए सबसे पहले करें ये काम
अगर आप चाहते हैं की आपके घर में रखा तुलसी का पौधा हरा-भरा और घना हो जाए, तो सबसे पहले आपको समय-समय पर उसकी छंटाई करने की जरूरत होती है. पौधे की ऊपरी बढ़ती हुई टिप को उंगलियों से हल्का सा पिंच करने पर नीचे की तरफ नई शाखाएं निकलने लगती हैं. इससे पौधा एक ही डंडी में लंबा होने के बजाय झाड़ी की तरह घना होने लगता है.
अगर तुलसी में मंजरी या फूल आने लगे हैं, तो उन्हें भी समय-समय पर हटा सकते हैं. इससे पौधे की ऊर्जा बीज बनाने में कम और नई पत्तियों और शाखाओं की ग्रोथ में ज्यादा लगती है.
बारिश में रोज पानी डालना पड़ सकता है भारी
मॉनसून में तुलसी के पौधे को सबसे ज्यादा नुकसान जरूरत से ज्यादा पानी पहुंचा सकता है. दरअसल, लगातार होती बारिश की वजह से गमले की मिट्टी पहले से गीली होती है, तो आपको बाहर से पानी डालने की जरूरत नहीं होती है. पानी देने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी लेयर चेक कर लें. अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें. साथ ही गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए. पानी लंबे समय तक जमा रहने पर तुलसी की जड़ें सड़ सकती हैं.
4-6 घंटे की रोशनी है जरूरी
तुलसी को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त रोशनी चाहिए. बारिश के दिनों में कई बार लगातार बादल छाए रहते हैं, ऐसे में पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे ज्यादा से ज्यादा नेचुरल रोशनी मिल सके. अगर हो सके तो तुलसी को रोज कुछ घंटे धूप वाली जगह पर रखें. अच्छे से रोशनी मिलने से तुलसी के पौधे की पत्तियों का रंग अच्छा रहता है और नई ग्रोथ भी बेहतर होती है.
मिट्टी ऐसी हो, जिसमें पानी जमा न रहे
तुलसी को घना बनाने के लिए सिर्फ खाद डालना काफी नहीं है. इसकी मिट्टी भी ठीक होनी चाहिए. तुलसी की मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी रुकने के बजाय आसानी से निकल जाए. इसके लिए किसी बगीचे की मिट्टी में रेत या बालू और अच्छी तरह सड़ी हुई ऑर्गेनिक खाद मिलाई जा सकती है. इससे मिट्टी ज्यादा भारी नहीं रहती और जड़ों तक हवा पहुंचती रहती है. बरसात में ये बात खास तौर पर जरूरी है.
हर कुछ हफ्तों में दें हल्की जैविक खाद
मॉनसून में जब पौधे की ग्रोथ अच्छी हो रही हो, तब उसे पोषण की भी जरूरत होती है. आप समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई ऑर्गेनिंक खाद की थोड़ी मात्रा मिट्टी में मिला सकते हैं. खाद जरूरत से ज्यादा डालने से फायदा होने के बजाय पौधे को नुकसान भी हो सकता है. इसलिए कम मात्रा में और पौधे की जरूरत के हिसाब से खाद देना बेहतर है.
पत्तियों पर कीड़े दिखें तो तुरंत करें उपाय
बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के साथ तुलसी पर छोटे कीड़े या फंगल समस्या भी दिखाई दे सकती है. इसलिए हफ्ते में एक-दो बार पत्तियों और तनों को ध्यान से जरूर देखें. अगर पत्तियों पर कीड़े नजर आएं, तो नीम के स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है.
मंजरी को समय पर हटाना न भूलें
तुलसी में मंजरी आना बहुत ही आम बात है, लेकिन अगर आपको ज्यादा घना और पत्तियों से भरा पौधा तैयार करना है, तो पुरानी या ज्यादा निकल रही मंजरी को समय-समय पर हटाना मददगार हो सकता है. साथ ही सूखी, पीली या खराब पत्तियों को भी पौधे से अलग करते रहें.
बरसात में तुलसी को घना बनाने का आसान फॉर्मूला
मॉनसून में तुलसी की देखभाल का मतलब सिर्फ पानी और खाद देना नहीं है. पौधे को सही रोशनी, सीमित पानी, अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी, समय पर पिंचिंग और बैलेंस्ड पोषण मिलेगा, तो उसकी ग्रोथ बेहतर हो सकती है. सबसे जरूरी बात ये है कि बारिश के मौसम में ज्यादा देखभाल के चक्कर में पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी न दें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क