How To Make Cocopeat For Plants: अगर आपके घर में पौधे लगे हैं, तो आपके माली ने कभी ना कभी आपको बाजार से कोकोपीट खरीदने के लिए जरूर कहा होगा. कोकोपीट पौधों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन बाजार में मिलने वाला कोकेपीट महंगा आता है, जिसे खरीदते वक्त लोग हिचकिचाते हैं. अगर आप भी महंगे के चक्कर में कोकोपीट खरीदने से बचते हैं, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आप घर पर ही कोकोपीट बना सकते हैं.
नारियल खाने के बाद उसका छिलका अक्सर सीधे कूड़ेदान में चला जाता है. लेकिन अगर आपके घर में पौधे हैं, तो अगली बार नारियल का छिलका फेंकने से पहले जरा रुक जाइए. ये देखने में भले ही बेकार लगे, लेकिन आपके गमलों की मिट्टी के लिए काफी काम का साबित हो सकता है. इसी की मदद से आप घर पर ही कोकोपीट तैयार कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल पौधों की मिट्टी को हल्का और हवादार रखने के लिए किया जाता है. चलिए जानते हैं कैसे आप नारियल के छिलकों से कोकोपीट बना सकते हैं.
गमले की मिट्टी में कोकोपीट डालने की जरूरत क्यों पड़ती है?
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सिर्फ खाद डालना ही काफी नहीं होता. मिट्टी ऐसी भी होनी चाहिए जिसमें नमी बनी रहे और जड़ों तक हवा आसानी से पहुंच सके. कई बार गमले की मिट्टी पानी देने के बाद कुछ समय में सख्त हो जाती है. ऐसे में कोकोपीट काफी मददगार हो सकती है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, कोकोपीट खाद नहीं है, यानी इससे पौधे को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते. इसका मुख्य काम मिट्टी की बनावट और नमी को बेहतर रखना है. ये मिट्टी में पानी को कुछ समय तक रोककर रखती है, जिससे मिट्टी जल्दी सूखती नहीं है. साथ ही मिट्टी को ज्यादा सख्त होने से रोककर उसे भुरभुरा बनाए रखने में मदद करती है.
नारियल के छिलके से ऐसे बनाएं घर पर कोकोपीट
बीज से पौधा उगाने में भी आएगी काम
अगर आप बीज से पौधे तैयार करते हैं तो कोकोपीट आपके लिए और भी उपयोगी हो सकती है. शुरुआत में बीज को लगातार नमी की जरूरत होती है. कोकोपीट नमी को बनाए रखने में मदद करती है, जिससे बीज के अंकुरित होने के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है.
जब छोटा पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो उसे ऐसी मिट्टी में शिफ्ट किया जा सकता है जिसमें कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट जैसे पोषक तत्व मौजूद हों.
कितनी मात्रा में मिलाएं कोकोपीट?
यहां सबसे ज्यादा ध्यान मात्रा पर देना जरूरी है. गमले या ग्रो बैग की मिट्टी तैयार करते समय नॉर्मल मिट्टी में करीब 30 से 50 प्रतिशत तक कोकोपीट मिलाई जा सकती है. जरूरत से ज्यादा कोकोपीट डालने से मिट्टी में पौधे के लिए जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा कम पड़ सकती है, क्योंकि कोकोपीट खुद खाद नहीं है. इसलिए इसके साथ कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट जैसी खाद भी इस्तेमाल करनी चाहिए.
यानी कूड़े का छिलका बनेगा गमले का काम का सामान
अगली बार नारियल इस्तेमाल करने के बाद उसके छिलके को सीधे कूड़ेदान में डालने से पहले एक बार जरूर सोचें. थोड़ी मेहनत से यही बेकार छिलका आपके गार्डनिंग के खर्च को कम कर सकता है. इससे एक तरफ नारियल के छिलके का दोबारा इस्तेमाल होगा, वहीं पौधों की मिट्टी में नमी और भुरभुरापन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क