बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी फुहार और सुहाने मौसम के लिए ही खास नहीं होता, बल्कि गार्डनिंग का शौक रखने वालों के लिए भी ये बेहतरीन समय है. बरसात पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होती है. इस दौरान हवा में नमी और मिट्टी में मौजूद नमी कई पौधों की कटिंग को जड़ पकड़ने में मदद करती है. यही वजह है कि अगर आपके घर की बालकनी में डंठल से मुफ्त में पौधे उगाना चाहते हैं, तो आप बिना झंझट कर सकते हैं. यानी न बीज खरीदने की जरूरत और न ही हर बार नर्सरी से नया पौधा लाने का खर्च.
अगर आप भी अपनी बालकनी, छत या गार्डन को बिना ज्यादा पैसे खर्च किए हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो बारिश में इन 12 पौधों की कटिंग जरूर लगाएं. सही तरीके से कटिंग लगाने और थोड़ी देखभाल करने पर कुछ ही समय में इनमें नई पत्तियां और जड़ें निकलने लग सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसे 12 पौधों के बारे में, जिन्हें बारिश में डंठल से उगाना सबसे आसान माना जाता है.
1. गुलाब: इस लिस्ट में पहला नाम गुलाब का है. गुलाब की हेल्दी और मजबूत डंठल से नया पौधा तैयार किया जा सकता है. करीब 4-6 इंच की ऐसी टहनी लें जिसमें नई ग्रोथ हो. नीचे की पत्तियां हटाकर कटिंग को अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी में लगाएं. मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें.
2. गुड़हल: गुड़हल कटिंग से तैयार होने वाले मशहूर पौधों में शामिल है. इसकी करीब 4-6 इंच लंबी हेल्दी टहनी लें और नीचे की पत्तियां हटा दें. कटिंग को मिट्टी में लगाने के बाद इसे हल्की रोशनी वाली जगह पर रखें. अच्छी नमी मिलने पर कुछ हफ्तों में जड़ें बनने लग सकती हैं.
3. मोगरा: मोगरे घर को खुशबूदार बनाने के लिए बढ़िया रहता है. इसकी खुशबू हर किसी को पसंद होती है. मोगरा की थोड़ी मजबूत टहनी से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है. बारिश के मौसम में कटिंग लगाने पर नमी इसके जड़ पकड़ने में मदद कर सकती है.
4. बोगनवेलिया: अगर बालकनी या छत को रंग-बिरंगे फूलों से सजाना चाहते हैं, तो बोगनवेलिया की कटिंग लगाएं. इसके लिए हेल्दी डंठल लें. इसे रेतीली और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी में लगाना बेहतर रहता है. कुछ ही दिनों में बोगनवेलिया उग आता है.
5. सदाबहार: लिस्ट में अगला नाम सदाबहार यानी विंका का है. इसे भी कटिंग से तैयार किया जा सकता है. इसकी करीब 10-15 सेंटीमीटर लंबी कटिंग को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाएं. ये पौधा ज्यादा नाजुक नहीं होता और सही देखभाल करने पर जल्दी बढ़ने लगता है.
6. गुलदाउदी: गुलदाउदी की कटिंग से भी नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं. इसके लिए नई और अच्छी ग्रोथ वाली करीब 4-6 इंच लंबी टहनी लें. कटिंग लगाने के बाद मिट्टी को हल्का नम रखें और तेज धूप से बचाकर रखें.
7. कोलियस: अगर आपको रंग-बिरंगे पत्तियों वाले पौधे पसंद हैं, तो कोलियस जरूर लगाएं. इसकी स्टेम कटिंग से आसानी से नया पौधा तैयार किया जा सकता है. बारिश के मौसम में नमी मिलने से इसकी कटिंग को रूट करने में मदद मिल सकती है.
8. क्रोटन: क्रोटन की खूबसूरत रंग-बिरंगी पत्तियां घर के गार्डन की शोभा बढ़ा देती हैं. इसकी स्टेम कटिंग से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है. कटिंग को नम लेकिन पानी न रोकने वाली मिट्टी में लगाएं और शुरुआत में फिल्टर्ड रोशनी दें.
9. मनी प्लांट: मनी प्लांट कटिंग से उगाने के लिए सबसे आसान पौधों में से एक है. इसकी डंठल काटते समय ध्यान रखें कि उसमें कम से कम एक नोड यानी गांठ जरूर हो. इसे पानी में भी लगाया जा सकता है और मिट्टी में भी. कुछ समय बाद नोड से जड़ें निकलने लगती हैं.
10. स्नेक प्लांट: स्नेक प्लांट की पत्ती के हिस्से से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है. हालांकि इसकी ग्रोथ बाकी पौधों की तुलना में धीमी हो सकती है, इसलिए इसे लगाने के बाद धैर्य रखना जरूरी है. मिट्टी में पानी जमा न होने दें.
11. पोर्टुलाका: पोर्टुलाका को 'नौ बजे का फूल' भी कहा जाता है. इसे भी डंठल से तैयार किया जा सकता है. इसकी हेल्दी टहनी को मिट्टी में लगाने पर ये आसानी से जड़ पकड़ सकता है. ये पौधा अच्छी रोशनी पसंद करता है, इसलिए जड़ बनने के बाद इसे अच्छी धूप वाली जगह पर रखा जा सकता है.
12. चमेली का पौधा: चमेली की कुछ किस्मों को भी स्टेम कटिंग से बढ़ाया जा सकता है. थोड़ी हार्ड और हेल्दी टहनी लेकर इसे नम मिट्टी में लगाया जाता है. बारिश के मौसम की नमी कटिंग के जमने के लिए अच्छी हो सकती है.
डंठल लगाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
हमेशा हेल्दी डंठल चुनें: जिस पौधे की ग्रोथ अच्छी हो, उसकी हेल्दी टहनी लें.
नीचे की पत्तियां हटा दें: कटिंग के उस हिस्से की पत्तियां हटा दें जो मिट्टी के अंदर जाने वाला है.
नोड जरूर रखें: जहां से पत्तियां निकलती हैं, उस गांठ यानी नोड वाले हिस्से से जड़ बनने के चांस रहते हैं.
मिट्टी में पानी जमा न होने दें: बारिश में ये सबसे जरूरी है. ज्यादा पानी से कटिंग सड़ सकती है. मिट्टी ऐसी हो जिसमें पानी आसानी से निकल जाए.
शुरुआत में तेज धूप से बचाएं: नई कटिंग को शुरुआती दिनों में तेज धूप के बजाय हल्की या फिल्टर्ड रोशनी वाली जगह रखना बेहतर रहता है. कटिंग में जड़ और नई ग्रोथ आने के बाद धीरे-धीरे उसकी रोशनी की जरूरत के हिसाब से जगह बदलें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क