बारिश में हरे-भरे पौधे पर भी नहीं लग रहीं मिर्च? ये 7 गलतियां सुधारें, गुच्छों में उगेंगी तीखी-तीखी हरी मिर्चियां

How To Grow Green Chillies In Pot: बारिश के मौसम में गमले में लगे मिर्च के पौधे की सही देखभाल बेहद जरूरी है. ज्यादा बारिश और मिट्टी में नमी के कारण पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में गमले में पानी की सही निकासी, हल्की गुड़ाई, ऑर्गेनिक खाद और अच्छी धूप का ध्यान रखना जरूरी है. इन आसान तरीकों से मॉनसून में भी पौधा स्वस्थ रहेगा और उस पर ढेरों हरी मिर्चियां लगेंगी.

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बारिश के मौसम अगर पौधे पर मिर्च नहीं आ रही हैं, तो उसके पीछे ज्यादा पानी भी हो सकता है. (Photo: ITG) बारिश के मौसम अगर पौधे पर मिर्च नहीं आ रही हैं, तो उसके पीछे ज्यादा पानी भी हो सकता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:31 AM IST

How To Grow Green Chillies In Pot: बारिश का मौसम पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता. ये नए पौधे उगाने से लेकर पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी सबसे बढ़िया समय माना जाता है. इस वक्त मिट्टी में नमी रहती है और मौसम भी पौधों की ग्रोथ के लिए अनुकूल हो जाता है. यही वजह है कि इस मौसम में घर की बालकनी या छत पर लगे ज्यादातर पौधे तेजी से बढ़ते हैं. इनमें मिर्च का पौधा भी शामिल है. लेकिन अगर आपको लगता है कि बारिश का पानी अपने आप मिर्च की अच्छी पैदावार करा देगा, तो ऐसा नहीं है.

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मिर्च के पौधे को ज्यादा पानी से फायदा होने के बजाय नुकसान भी हो सकता है. जड़ों में पानी जमा रहने से पौधा कमजोर पड़ सकता है और फूल या छोटी मिर्चियां भी प्रभावित हो सकती हैं. इसलिए मॉनसून में मिर्च के पौधे की देखभाल का तरीका थोड़ा बदलना जरूरी है. कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप गमले में लगे एक छोटे से पौधे से भी अच्छी-खासी हरी मिर्च पा सकते हैं. अगर आपके घर में लगे मिर्च के पौधे में भी हरी-हरी मिर्चियां नहीं आ रही हैं, तो परेशान ना हो. ये तरीके अपनाकर आप खूब सारी मिर्चियां पा सकते हैं.

बारिश में सबसे पहले पानी का हिसाब रखें: मॉनसून में सबसे बड़ी गलती किसी भी पौधे को बार-बार पानी देना होता है. अगर लगातार बारिश हो रही है और मिट्टी पहले से गीली है, तो पौधे को अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती. पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी नजर आए.

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गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि एक्स्ट्रा पानी बाहर निकलता रहे. गमले में पानी जमा रहना मिर्च के पौधे के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.

मिट्टी ऐसी हो जिसमें पानी रुके नहीं: मिर्च के पौधे के लिए मिट्टी हल्की और भुरभुरी रखें. इसमें ऐसी सभी चीजें मिलाएं जिससे पानी आसानी से नीचे निकल सके. अच्छी वॉटर ड्रेनेज वाली मिट्टी बारिश के मौसम में जड़ों को सुरक्षित रखने में मदद करती है. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा चिपचिपी या भारी है, तो बारिश का पानी लंबे समय तक इसमें रुका रह सकता है. इससे जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है.

बारिश के बाद थोड़ी धूप जरूर दिखाएं: मिर्च के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए अच्छी रोशनी चाहिए होती है. मॉनसून में बादल छाए रहने के कारण धूप कम मिलती है, इसलिए जब भी मौसम साफ हो, पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे अच्छी धूप मिल सके.

हालांकि, पौधे को लगातार ऐसी जगह न रखें जहां बारिश का पानी सीधे गिरता रहे. तेज बारिश से बचाने के लिए गमले को थोड़ी सुरक्षित जगह पर रखना बेहतर है.

पीली और खराब पत्तियां तुरंत हटाएं: अगर पौधे की कुछ पत्तियां पीली, सूखी या खराब दिखाई दे रही हैं, तो उन्हें पौधे पर छोड़ने की बजाय हटा दें. इससे पौधे की एनर्जी हेल्दी हिस्सों की ग्रोथ में लगती है और पौधा ज्यादा साफ-सुथरा भी रहता है. मॉनसून में नियमित ध्यान रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि ज्यादा नमी से फंगल समस्या और कीटों का खतरा बढ़ सकता है.

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पौधे को पोषण देना भी जरूरी: सिर्फ पानी और धूप से ही मिर्च का पौधा ढेरों मिर्च नहीं देगा. समय-समय पर मिट्टी में अच्छी ऑर्गेनिक खाद जैसे वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डाल सकते हैं. इससे मिट्टी की क्वालिटी और पौधे को मिलने वाला पोषण बेहतर होता है. बस ध्यान रखें कि बारिश के दौरान गीली मिट्टी में जरूरत से ज्यादा खाद न डालें.

पौधे की हल्की गुड़ाई करें: बारिश के बाद मिट्टी की ऊपरी लेयर कई बार सख्त हो जाती है. ऐसे में मिट्टी की हल्की गुड़ाई करने से जड़ों तक हवा पहुंचने में मदद मिलती है. लेकिन गुड़ाई करते समय जड़ों को नुकसान न पहुंचाएं.

मिर्च चाहिए ज्यादा तो पौधे को समय दें
मिर्च के पौधे पर फूल आने के बाद उन्हें सही पोषण, रोशनी और सही तरह से नमी मिलना जरूरी है. पौधे पर लगातार नजर रखें और तैयार मिर्चों को समय पर तोड़ते रहें. नियमित कटिंग से पौधे पर नई मिर्च आती रहेंगी.  

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