Cooler Hacks in Rainy Season: देश के कई हिस्सों में बारिश के मौसम ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही चिलचिलाती गर्मी से भी राहत मिल गई है. मॉनसून में गर्मी से तो थोड़ा आराम मिल जाता है, मगर टिप-टिप बूंदों की वजह से मौसम में उमस भी बढ़ जाती है. बरसात के दिनों में यह उमस हर किसी का जीना मुहाल कर देती है. इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब बंद कमरे में कूलर चलाने पर वह ठंडी हवा देने के बजाय गर्म और चिपचिपी हवा फेंकने लगता है.
किराए के छोटे से कमरे में जब कूलर चलाते हैं तो उमस पूरे रूम में भर जाती है, जिसमें सोना तो दूर क बात एक पल की बैठना भी मुश्किल हो जाता है. कमरे के अंदर कूलर के चलने पर भी पसीना सूखने का नाम नहीं लेता. अगर आप भी इस मानसूनी उमस और कूलर की चिपचिपी हवा से परेशान हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान काम करके कमरे का चिपचिपापन गायब कर सकते हैं और आपको राहत भरी ठंडी हवा भी मिलेगी.
इन 5 हैक्स से तुरंत कूलर से आने वाली चिपचिपी हवा को करें बंद
क्रॉस वेंटिलेशन का तुरंत करें इंतजाम
बारिश के दिनों में बंद कमरे में कूलर चलाना सबसे बड़ी गलती है, लेकिन जगह की कमी की वजह से अधिकतर भारतीय बंद कमरे में ही कूलर चलाते हैं. जब कमरे में हवा बाहर निकलने का रास्ता नहीं पाती, तो कूलर हवा में मौजूद नमी को अंदर ही री-सर्कुलेट करता रहता है, जिससे कमरा प्रेशर कुकर जैसा उमस भरा बन जाता है.
क्या करें: कूलर के ठीक सामने वाली खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि कमरे की भारी और नम हवा बाहर निकल सके. अगर कमरे में एग्जॉस्ट फैन लगा है, तो उसे तुरंत ऑन कर दें.
वॉटर पंप को कुछ देर के लिए कर दें बंद
बारिश के मौसम में हवा में पहले से ही 80 से 90 प्रतिशत तक नमी होती है. ऐसे में जब कूलर का पंप चलता है, तो घास या हनीकॉम्ब पैड से टकराकर पानी हवा को और ज्यादा भारी और चिपचिपा बना देता है. इस कारण भी बंद कमरे में चलता कूलर गर्म और चिपचिपी हवा फेंकना शुरू कर देता है.
क्या करें: जब भी कमरे में उमस ज्यादा लगे, कूलर का वॉटर पंप तुरंत बंद कर दें और सिर्फ फैन या स्विंग मोड को ऑन कर दें. इससे कूलर एक पावरफुल पंखे की तरह काम करेगा, कमरे में हवा का फ्लो बढ़ेगा और पसीना तुरंत सूखेगा.
पानी के टैंक में डालें बर्फ
अगर उमस के साथ-साथ कमरे का तापमान भी बढ़ा हुआ है, तो सादा पानी कूलर की हवा को ठंडा नहीं कर पाता और उमस बढ़ती है.
क्या करें: कूलर के पानी के टैंक में नॉर्मल पानी की जगह ढेर सारे आइस क्यूब्स या ठंडे पानी की बोतलें डाल दें. ठंडा पानी पैड्स पर जाएगा तो हवा का भारीपन कम होगा और कमरा तुरंत कूल हो जाएगा.
कूलर के पैड्स की सफाई और एयरफ्लो
बारिश के दिनों में हवा में धूल-मिट्टी के कण पैड्स पर चिपक जाते हैं, जिससे कूलर की घास या हनीकॉम्ब पैड्स ब्लॉक हो जाते हैं. हवा पास न होने की वजह से कूलर का मोटर गर्म हवा फेंकने लगता है.
क्या करें: कूलर के साइड पैनल्स को खोलकर पैड्स को पानी के तेज प्रेशर से साफ करें. अगर घास पुरानी हो गई है या उससे सड़ने जैसी बदबू आ रही है, तो उसे तुरंत बदल लें.
पानी का लेवल रखें आधा
कई लोग कूलर के टैंक को ऊपर तक लबालब भर देते हैं. बारिश के मौसम में ऐसा करने से हवा में जरूरत से ज्यादा मॉइस्चर घुल जाता है. एक यह कारण भी कूलर से गर्म हवा निकलने लगती है और वातावरण को चिपचिपा बना देती है.
क्या करें: टैंक में पानी का लेवल आधा या उससे थोड़ा कम ही रखें. कम पानी होने से कूलर हवा में उतनी ही नमी छोड़ेगा जितनी जरूरी हो, जिससे चिपचिपाहट कंट्रोल में रहेगी.
बोनस टिप
अगर मुमकिन हो तो कूलर को कमरे के अंदर रखने के बजाय खिड़की पर फिट करें. जब कूलर बाहर की ताजी हवा को अंदर खींचता है, तो कमरे में उमस बनने की संभावना 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है. इसके अलावा, हफ्ते में कम से कम एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें ताकि उमस के कारण उसमें बैक्टीरिया या बदबू न पैदा हो.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क